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2026-08-06

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 7 अगस्त से, प्रशासन हर शुक्रवार पहुंचेगा गांवों में

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उज्जैन।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के अंतर्गत, प्रत्येक शुक्रवार को अधिकारियों की एक पूर्ण टीम गांवों में पहुंचेगी। इस अभियान का उद्देश्य शिकायतों का मौके पर समाधान करना तथा सरकारी योजनाओं और सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। यह अभियान 7 अगस्त को शुरू होकर 3 जनवरी 2027 तक संचालित होगा। इसकी शुरुआत जनपद पंचायत उज्जैन की ग्राम पंचायत खेमासा से की जाएगी, जहाँ कलेक्टर रौशन कुमार सिंह स्वयं समीक्षा करेंगे।

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जवाबदेही अभियान का अगला चरण

इस अभियान को पिछले डेढ़ महीने से जारी जवाबदेही अभियान का अगला चरण माना जा रहा है। प्रशासन का यह कदम पूर्व में जारी किए गए निर्देशों को धरातल पर परखने के लिए उठाया गया है। 29 जून को कलेक्टर ने 50 दिन से अधिक समय से लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर कड़ा रुख दिखाते हुए बड़नगर सीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद, 6 जुलाई को नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने शिकायतों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों का वेतन रोकने की चेतावनी दी थी। 13 जुलाई को भी शिकायतें अटेंड न करने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए थे।

कार्यप्रणाली और समीक्षा

अभियान के तहत, प्रत्येक गुरुवार को चिह्नित विकासखंड की सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम से संबंधित लंबित मामलों का डेटा अपडेट किया जाएगा। इसके उपरांत, शुक्रवार को उसी अद्यतन डेटा के आधार पर फील्ड में समीक्षा की जाएगी और प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे भ्रमण से पहले ही संबंधित क्षेत्र में पहुंचकर लंबित शिकायतों और आवेदनों का अधिकतम निराकरण सुनिश्चित करें।

जांच के प्रमुख बिंदु

इस अभियान के दौरान दो दर्जन से अधिक बिंदुओं की मौके पर जांच की जाएगी। इनमें सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, न्यायालयीन आदेशों का अमल, फार्मर आईडी, आयुष्मान कार्ड, समग्र ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आंगनवाड़ी, स्कूल-कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्र, राशन दुकान, खाद-बीज, पुलिस थाना, तहसील, आईटीआई, छात्रावास और सार्वजनिक परिसंपत्तियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और अन्य योजनाओं के पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।

प्रशासन का दृष्टिकोण और सफलता के मापदंड

प्रशासन का मानना है कि केवल बैठकों के माध्यम से शिकायतों का समाधान संभव नहीं है। अधिकारियों के सीधे गांवों में जाकर आमजन से संवाद करने से योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और कागजी उपलब्धियों तथा जमीनी हकीकत के बीच का अंतर स्पष्ट होगा। इस अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निरीक्षण के बाद शिकायतों का स्थायी समाधान कितना सुनिश्चित हो पाता है और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में कितना सुधार दिखाई देता है। एक महीने बाद शिकायतों का ग्राफ ही बताएगा कि उनकी संख्या घटी है या बढ़ी है।

जिला रिपोर्ट कार्ड का निर्माण

अभियान के अंतर्गत, हर शुक्रवार को जिले का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। गुरुवार को सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के लंबित मामलों का डेटा अपडेट होने के बाद, शुक्रवार को गांवों में अधिकारियों की उपस्थिति में समाधान की समीक्षा होगी। इसी आधार पर विभिन्न विभागों और जिलों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।

उज्जैन जिले की स्थिति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह जिला होने के बावजूद, उज्जैन में सीएम हेल्पलाइन पर हर महीने 10 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हो रही हैं। लगातार समीक्षा बैठकें, नोटिस जारी करना, वेतन रोकने की चेतावनी और लंबित मामलों के निराकरण के निर्देशों के बावजूद शिकायतों की संख्या में अपेक्षित कमी नहीं आ रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि जन-विश्वास अभियान के तहत गांवों में पहुंचकर मौके पर समस्याओं का समाधान होने से लंबित शिकायतें कम होंगी और सीएम हेल्पलाइन का बोझ भी घटेगा।