बुलंद सोच, जबलपुर।
जबलपुर हाई कोर्ट ने रीवा में तीन जैन साध्वियों को कार से टक्कर मारने के बाद लगभग 270 किलोमीटर तक फरार हुए आरोपी रशीद आबाद अली शाह को जमानत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ में इस जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई।
अर्जी वापस लेने का आग्रह
सुनवाई के दौरान कोर्ट के रुख को देखते हुए आरोपी की ओर से अर्जी वापस लेने का आग्रह किया गया। कोर्ट ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए जमानत आवेदन को निरस्त कर दिया।
सरकार का कड़ा विरोध
राज्य सरकार ने आरोपी की जमानत का कड़ा विरोध किया। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और शासकीय अधिवक्ता अमित पांडे ने घटना की गंभीरता और हादसे के बाद आरोपी के फरार होने का हवाला देते हुए जमानत का विरोध प्रस्तुत किया।
घटना का विवरण
यह घटना 20 मई को रीवा कलेक्ट्रेट के सामने हुई थी। उस दिन तीन जैन साध्वियां सड़क किनारे पैदल विहार कर रही थीं। तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी।
साध्वियों की स्थिति
इस हादसे में श्रुति मति माता की मौके पर ही मृत्यु हो गई। उपसमिति माता ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि घायल आर्यिका माता का उपचार अभी भी जारी है।
आरोपी की गिरफ्तारी
हादसे के बाद आरोपी कार समेत फरार हो गया था। सीसीटीवी फुटेज की मदद से वाहन की पहचान की गई, जिसके बाद पुलिस ने अलर्ट जारी किया। लगभग 270 किलोमीटर दूर जबलपुर के बहोरीपार टोल प्लाजा पर बरगी पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वह फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में है।

