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2026-08-14

भोपाल-विदिशा मार्ग फोरलेन होगा, कैबिनेट ने 47,990 करोड़ के प्रस्तावों को दी मंजूरी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए भोपाल-विदिशा मार्ग को टू लेन से फोर लेन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग के उन्नयन एवं निर्माण के लिए 1757.57 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस मार्ग के निर्माण से औद्योगिक निवेश में तेजी आएगी और अधोसंरचना का व्यवस्थित विकास हो पाएगा। सांची स्तूप और कर्क रेखा जैसे प्रमुख स्थलों से गुजरने वाला यह मार्ग प्रादेशिक कनेक्टिविटी को नई मजबूती प्रदान करेगा।

भोपाल बाइपास और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

कैबिनेट ने भोपाल बाइपास को छह-लेन बनाने के दृष्टिगत भोपाल बाइपास-टोल टैक्स शुल्क संग्रहण की अनुमति को 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। भारत सरकार के अंतर्गत गठित उपक्रम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए सीहोर जिले की इछावर तहसील के गांव भाउखेड़ी में 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर निश्शुल्क आवंटित करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, एमपीपीएससी के वार्षिक प्रतिवेदनों को विधानसभा के पटल पर रखने का अनुमोदन भी किया गया।

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देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना जांच आयोग

मंत्रिपरिषद बैठक में देवास जिले में 14 मई 2026 को टोकंकला स्थित पटाखा फैक्ट्री में घटित अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जांच के लिए गठित एकल न्यायिक जांच आयोग का अनुसमर्थन किया गया। यह आयोग सुभाष काकड़े, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर की अध्यक्षता में गठित किया गया है। आयोग के कार्यकाल को तीन माह, अर्थात 14 अगस्त 2026 तक बढ़ाने संबंधी जारी अधिसूचना का भी अनुसमर्थन किया गया।

संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश योजना

वन विभाग अंतर्गत संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने संबंधी योजना को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 918 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का उद्देश्य संयुक्त वन प्रबंधन अंतर्गत वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए श्रमिकों के साथ रहवासियों की जन-भागीदारी प्राप्त करना है। इस स्वीकृति से अब श्रमिकों के साथ रहवासियों को भी लाभांश मिलेगा।

राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार राशि में वृद्धि

समाज सेवा करने वाली एक महिला को प्रतिवर्ष दिए जाने वाले राज्य स्तरीय रानी दुर्गावती पुरस्कार की राशि को दो लाख रुपये करने की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, वर्ष 2006 से प्रदाय किए जा रहे रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की भी स्वीकृति मिली है। वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुल छह पुरस्कार प्रदाय किए जा रहे हैं।

समग्र विकास हेतु प्रस्तावों को स्वीकृति

प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जन स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और महिला सशक्तीकरण को गति देने के लिए कुल 47 हजार 990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रुपये शामिल हैं। खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए दो करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। खनिज साधन विभाग में कुल 54 खनिज भवन हैं। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के आगामी पांच वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी दी गई।