बुलंद सोच, भोपाल।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भोपाल को मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के तहत भोपाल-विदिशा मार्ग के निर्माण का निर्णय लिया है। लगभग 44.830 किलोमीटर लंबी यह चार लेन सड़क पेव्ड शोल्डर के साथ बनाई जाएगी, जिससे औद्योगिक निवेश में वृद्धि और अधोसंरचनात्मक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस मार्ग पर सूखी सेवनिया, बेरखेड़ी और सलामतपुर में तीन बाईपास भी बनाए जाएंगे, जिससे इन क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा। प्रस्तावित परियोजना की निर्माण लागत का 40 प्रतिशत मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से जीएसटी सहित वहन किया जाएगा, जो भोपाल मेट्रोपॉलिटिन इलाके के विकास और भविष्य में यातायात बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखकर तय किया गया है। शेष 60 प्रतिशत राशि संचालन अवधि में 15 वर्षों तक छह माही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से जुटाई जाएगी, जबकि निर्माण पूर्व भू-अर्जन और अन्य कार्य के लिए 364 करोड़ 41 लाख रुपये का भुगतान भी राज्य बजट से होगा। वर्तमान में, भोपाल-विदिशा मार्ग अयोध्या बाईपास के भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-146 पर सांची-सलामतपुर जंक्शन पर समाप्त होता है। यह मार्ग भानपुर, चोपड़ाकला, सूखी सेवनिया, डोब, बालमपुर, दीवानगंज और सलामतपुर से गुजरते हुए भोपाल और विदिशा जिलों को जोड़ता है। रायसेन जिले में यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल सांची स्तूप इस मार्ग के निकट स्थित है, और कर्क रेखा भी भोपाल-विदिशा मार्ग के किमी 24.550 से गुजरती है, जिससे यह मार्ग भौगोलिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भोपाल बायपास पर टोल वसूली की अनुमति
कैबिनेट की बैठक में मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत भोपाल बायपास चार-लेन को छह-लेन बनाने के लिए 51.963 किलोमीटर मार्ग पर उपयोगकर्ता शुल्क (टोल टैक्स) संग्रहण की अनुमति प्रदान की गई है। यह टोल वसूली 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक प्रभावी रहेगी, और लोक निर्माण विभाग को इस अवधि को पांच वर्ष तक बढ़ाने के लिए अधिकृत किया गया है। भोपाल बायपास का यह 51.963 किलोमीटर लंबा मार्ग भोपाल शहर को इंदौर, रायसेन, विदिशा और नर्मदापुरम जिलों से जोड़ता है, जिससे भोपाल शहरी क्षेत्र का यातायात दबाव कम होगा और यात्रियों को निर्बाध रूप से मार्ग उपलब्ध होगा। इस मार्ग का नियमित संचालन और रख-रखाव निगम द्वारा किया जाएगा।
देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना जांच आयोग की अवधि बढ़ी
कैबिनेट बैठक में देवास जिले के टोकंकला में स्थित पटाखा फैक्ट्री में 14 मई 2026 को हुई अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जांच के लिए गठित एकल न्यायिक जांच आयोग के कार्यकाल में वृद्धि संबंधी अधिसूचना का अनुसमर्थन किया गया। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सुभाष काकड़े, उच्च न्यायालय जबलपुर की अध्यक्षता वाले इस आयोग का कार्यकाल तीन माह बढ़ाकर 14 अगस्त 2026 तक किया गया है।

