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2026-07-23

चावल हेराफेरी: बालाघाट के दोषी राइस मिल संचालक होंगे ब्लैकलिस्ट

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, बालाघाट।

बालाघाट में चावल हेराफेरी मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। एसआईटी की पड़ताल में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब दोषी मिल संचालकों पर आर्थिक और व्यावसायिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।

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एफसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस जांच में जिन राइस मिलर्स की भूमिका संदिग्ध या दोषी पाई जाएगी, उन्हें भोपाल स्तर से ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

एफसीआई अब पुलिस या एसआईटी से दोषी मिलरों के संबंध में एफआईआर की कॉपी का इंतजार कर रहा है। एफआईआर की प्रति मिलते ही एफसीआई आरोपित मिलरों को ब्लैकलिस्ट करेगा।

सूत्र बताते हैं कि एफसीआई ऐसे मिलरों से वसूली का प्रस्ताव मुख्यालय भेजेगा। एसआईटी ने नोटिस देकर बालाघाट समेत महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के राइस मिलर और ट्रक ड्राइवरों को बुलाया है, जिनसे लगातार पूछताछ चल रही है।

संदिग्धों से पूछताछ और जांच में साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने महाराष्ट्र के गोंदिया के बड़े राइस मिल संचालकों में शामिल जुगल प्रसाद खंडेलवाल और किशनलाल खंडेलवाल पर कार्रवाई की है।

गोंदिया में पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने पर निजी अस्पताल में भर्ती जुगल प्रसाद खंडेलवाल को मंगलवार को छुट्टी दे दी गई। एसआईटी जल्द जुगल प्रसाद को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेगी। संभावना है कि जुगल की भी 24 जुलाई तक रिमांड ली जा सकती है।

सूत्रों के अनुसार, गोंदिया के ही कुछ मिल संचालकों पर जल्द एक्शन हो सकता है। एसआईटी ने कुछ मिलरों से पूछताछ की है, जिसमें टीम को चावल की हेराफेरी के पुख्ता सबूत मिले हैं।

बालाघाट में वारासिवनी स्थित संचेती राइस मिल के खिलाफ एफसीआई पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। मिल से 44 लाख रुपये की वसूली के लिए आदेश जारी किया जा चुका है। यह कार्रवाई पांच जून को हुई थी, जब एथेनॉल के नाम पर चावल की हेराफेरी पकड़ी गई थी।

नागरिक आपूर्ति निगम (नान) ने संचेती मिल का नाम सामने आने के बाद तत्काल मिलिंग पर रोक लगा दी थी। ब्लैकलिस्ट होने के बाद संबंधित मिलर एफसीआई से जुड़े भविष्य के काम और सरकारी खरीद प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित हो सकते हैं।