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2026-10-17

डकैतों का गढ़ रहा चित्रकूट अब फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, मध्य प्रदेश।

श्री राम की पावन तपोभूमि के रूप में विख्यात चित्रकूट की पहचान अब एक नए रूप में उभरकर सामने आ रही है। किसी जमाने में यह धर्मनगरी दुर्दांत डकैतों और दस्यु गिरोहों के आतंक की गवाह बनी हुई थी, जहां के घने जंगलों में डकैतों का साम्राज्य चलता था। वर्ष 2018 के बाद शासन-प्रशासन द्वारा डकैतों के पूर्ण सफाए के साथ ही चित्रकूट के हालात पूरी तरह बदल गए। आज वही बीहड़ और जंगल फिल्म मेकर्स की पहली पसंद बन चुके हैं, जहां ‘लाइट, कैमरा और एक्शन’ की गूंज सुनाई दे रही है।

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फिल्म 'हनुमान अंश' की शूटिंग

देशभर में भक्ति भाव जगा रही फिल्म ‘हनुमान अंश’ की 90% शूटिंग चित्रकूट की मनोरम घाटियों, पावन धरा और आसपास के घने जंगलों में हुई है। इसकी हरियाली, प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक घाटियां अब बड़े पर्दे पर दर्शकों का मन मोह रही हैं।

आगामी परियोजनाओं का आकर्षण

चित्रकूट का शांत और सुरक्षित माहौल अब बॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा को भी आकर्षित कर रहा है। गोस्वामी तुलसीदास जी के शुरुआती जीवन पर बन रही फिल्म ‘राम-बोला’ की शूटिंग भी जल्द ही चित्रकूट की वादियों में शुरू होने वाली है। इसके अलावा ‘जन-जन में राम’ सहित कई अन्य धार्मिक और सामाजिक फिल्मों के निर्माता भी शूटिंग के लिए चित्रकूट का रुख कर रहे हैं।

स्थानीय प्रतिभाओं को मिला मंच

चित्रकूट में फिल्मों की शूटिंग से स्थानीय कलाकारों और बच्चों की किस्मत भी चमक रही है। ‘हनुमान अंश’ में ‘चांद चोर’ की भूमिका निभाने वाले स्थानीय अभिनेता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि फिल्म के माध्यम से चित्रकूट के ऐसे कई आम लोगों को बड़े पर्दे पर अभिनय का मौका मिला, जिन्होंने पहले कभी काम नहीं किया था। प्रमोद वन (चित्रकूट) के रहने वाले बच्चों- पार्थ मिश्रा, पीहू मिश्रा, भरत सिंह, लक्ष्य और राज मौर्या ने फिल्म में बेहतरीन काम किया है। हरिओम सिंह ने ‘रतलू’ तथा अमृता सिंह ने ‘छोटी मंगला’ का किरदार निभाया है। संघर्ष कर रहे स्थानीय कलाकारों के लिए अपने ही शहर में बड़े पर्दे तक पहुंचने का यह एक बेहतरीन और ऐतिहासिक अवसर साबित हो रहा है।