बुलंद सोच, भोपाल।
देश की सबसे बड़ी विधि प्रवेश परीक्षा कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT)-2027 की तारीख नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (एनएलयू) के कंसोर्टियम ने घोषित कर दी है। इसका आयोजन 6 दिसंबर 2026 को दोपहर 2 से 4 बजे तक किया जाएगा। CLAT-2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 3 अगस्त से शुरू होगी, और अभ्यर्थी 31 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।
CLAT 2028 पैटर्न बदलाव की तैयारी
कंसोर्टियम ने इसी के साथ CLAT-2028 के परीक्षा पैटर्न में संभावित बदलावों की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है, जिस पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों से 31 अगस्त 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं।
CLAT 2027 के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं
कंसोर्टियम ने स्पष्ट किया है कि CLAT-2027 की यूजी और पीजी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न और विभिन्न अनुभागों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। परीक्षा मौजूदा प्रारूप के अनुसार ही होगी। हालांकि, प्रश्नों की गुणवत्ता और स्पष्टता बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञ समिति की कुछ सिफारिशों को व्यवहारिक रूप से लागू करने पर विचार किया जाएगा। ऐसे में 2027 के अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी पुराने पैटर्न के अनुसार ही जारी रखने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञ समिति का गठन और कार्य
परीक्षा सुधारों के लिए गठित विशेषज्ञ समिति का गठन सितंबर 2025 में पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता वाले सलाहकार बोर्ड ने किया था। समिति में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, कोलंबिया लॉ स्कूल, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और बीएमएल मुंजाल विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित विधि शिक्षाविद शामिल रहे। समिति ने CLAT के प्रश्नपत्र, पाठ्यक्रम और परीक्षा संरचना का अध्ययन करने के साथ अमेरिका की LSAT और ब्रिटेन की LNAT जैसी प्रमुख विधि प्रवेश परीक्षाओं का भी विश्लेषण किया।
CLAT 2028 के लिए प्रस्तावित बदलाव
विशेषज्ञ समिति ने CLAT-2028 के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। इनमें समसामयिक घटनाओं (करेंट अफेयर्स) का अलग सेक्शन समाप्त करने, कुल प्रश्नों की संख्या घटाने, प्रत्येक अनुभाग में 10 से 15 प्रश्न रखने तथा लीगल एप्टीट्यूड और लॉजिकल रीजनिंग को एक ही सेक्शन में शामिल करने का प्रस्ताव है। वहीं, अंग्रेजी और गणित के अलग-अलग अनुभाग बनाए रखने की सिफारिश की गई है।
सुझाव आमंत्रण और अंतिम निर्णय
कंसोर्टियम ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट वेबसाइट पर जारी कर विद्यार्थियों, शिक्षकों, विधि विशेषज्ञों और आम नागरिकों से 31 अगस्त 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए हैं। प्राप्त सुझावों और समिति की सिफारिशों पर विचार करने के बाद CLAT-2028 की परीक्षा प्रणाली में अंतिम बदलाव लागू किए जाएंगे।
अभ्यर्थियों के लिए सलाह
CLAT विशेषज्ञ हर्ष गंगरानी के अनुसार, 2027 के उम्मीदवारों को किसी तरह की भ्रम की स्थिति में नहीं आना चाहिए और तैयारी मौजूदा सिलेबस और पैटर्न के आधार पर जारी रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 2028 के लिए प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता सुधारना, त्रुटियां कम करना और रटंत अध्ययन की बजाय तार्किक व विश्लेषणात्मक क्षमता को बढ़ावा देना है। फिलहाल, 2028 के बदलावों पर अंतिम फैसला सुझाव मिलने के बाद ही लिया जाएगा।
