बुलंद सोच, भोपाल।
दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रदेश संगठन में कसावट लाने की प्रक्रिया में हैं। कांग्रेस कई जिला अध्यक्षों के साथ-साथ प्रदेश कार्यकारिणी में भी बदलाव करेगी। वहीं, भाजपा भी 12 जिला अध्यक्षों को हटा सकती है। दोनों ही पार्टियां ऐसी कमजोर कड़ियों को चिह्नित कर रही हैं, जिनके कारण जिलों में संगठन का काम प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस में बदलाव की तैयारी
कांग्रेस ने आठ जिला अध्यक्षों को चिह्नित किया है, जिन्हें जल्द ही कार्यमुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश कार्यकारिणी का भी पुनर्गठन किया जाएगा, जिसमें उन सदस्यों को बाहर किया जाएगा जो निष्क्रिय हैं।
संगठन सृजन अभियान और समीक्षा
कांग्रेस ने भाजपा से मुकाबला करने और संगठन को सशक्त बनाने के लिए ‘संगठन सृजन अभियान’ चलाया था। इस अभियान के तहत रायशुमारी के बाद जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी और उन्हें काम करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई थी। हालांकि, कुछ जिलों में प्रदेश इकाई द्वारा दिए गए कार्य पूरे नहीं हुए। अखिल भारतीय कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों की ‘अ’, ‘ब’ और ‘स’ श्रेणी में समीक्षा की, जिसमें आठ जिला अध्यक्षों का काम संतोषजनक नहीं पाया गया। इनमें आगर मालवा, डिंडौरी, सिंगरौली, रायसेन, आलीराजपुर और ग्वालियर ग्रामीण के जिला अध्यक्ष शामिल हैं।
चुनावी तैयारियों के चलते बदलाव की संभावना
डिंडौरी के जिला अध्यक्ष विधायक ओमकार सिंह मरकाम हैं, जिन्हें चुनाव लड़ना है और वे अपना पूरा समय उसी तैयारी में लगा रहे हैं। आलीराजपुर के जिला अध्यक्ष मुकेश पटेल पहले भी त्यागपत्र दे चुके हैं, जिसे प्रदेश इकाई ने अस्वीकार कर दिया था। सूत्रों के अनुसार, कुछ ऐसे जिला अध्यक्ष भी बदले जा सकते हैं, जिनका उपयोग पार्टी को प्रदेश स्तर पर करना है। इसमें सतना के सिद्धार्थ कुशवाह शामिल हैं, जो ओबीसी कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं और दतिया उपचुनाव में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसी तरह, विधायक जयवर्धन सिंह गुना और प्रियव्रत सिंह राजगढ़ के जिला अध्यक्ष हैं। इन सभी को आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना है और दूसरों को भी चुनाव लड़वाने में भूमिका निभानी है।
प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन
253 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी के अधिकतर सदस्य अपने क्षेत्र में भी सक्रिय नहीं हैं। इनकी जगह नए चेहरों को अवसर दिया जाएगा। पुनर्गठन का यह काम दो-तीन माह के भीतर पूरा किया जाएगा।
भाजपा में संभावित कार्रवाई
भाजपा भी 12 जिला अध्यक्षों को हटा सकती है। दतिया के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह को जिला कार्यकारिणी भंग किए जाने के बाद हटाया जा चुका है। बालाघाट के जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे के स्वजन चावल घोटाले में फंसे हैं। इसी तरह, कुछ अन्य जिलों के जिला अध्यक्षों को कमजोर प्रदर्शन के चलते हटाया जाएगा। प्रदेश इकाई ने कुछ समय पहले जिला अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा की थी। इसमें पाया गया था कि उनके जिलों में बूथ सशक्तीकरण सहित संगठन द्वारा दिए गए अन्य कार्यों में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए।
दतिया जीत का इनाम
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अवधेश नायक को प्रदेश कांग्रेस महासचिव बनाया गया है। चुनाव के दौरान उनसे यह वादा किया गया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया।
जीतू पटवारी का बयान
दतिया जीत पर कटनी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि जनता ने अपनी सोच को वोट में उतारा है।

