बुलंद सोच।

विश्व शतरंज चैंपियनशिप का फाइनल 25 नवंबर से 15 दिसंबर तक स्विट्जरलैंड के जेनेवा में खेला जाएगा। इस मुकाबले में मौजूदा विश्व चैंपियन भारत के डी. गुकेश का सामना उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव से होगा। मैच शुरू होने पर दोनों खिलाड़ियों की उम्र 20 साल होगी, जिससे यह इतिहास का सबसे युवा विश्व शतरंज चैंपियनशिप फाइनल बन जाएगा।
फिडे विश्व शतरंज चैंपियनशिप में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का विजेता चैलेंजर कहलाता है। चैलेंजर ही चैंपियन को चुनौती देने का अधिकार प्राप्त करता है।

विश्व चैंपियन गुकेश ने दिसंबर 2024 में सिंगापुर में 18 साल की उम्र में चीन के डिंग लिरेन को हराकर खिताब जीता था। गुकेश ने 14वें और अंतिम क्लासिकल गेम में जीत हासिल कर 18वें विश्व चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया था। वे यह खिताब जीतने वाले अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी हैं।
दूसरी ओर, सिंदारोव ने साइप्रस में आयोजित कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीतकर इस मुकाबले के लिए अपनी जगह पक्की की। उज्बेकिस्तान के इस ग्रैंडमास्टर ने एक राउंड शेष रहते ही पहला स्थान हासिल कर लिया था। इससे पहले उन्होंने 2025 विश्व कप में भी जीत दर्ज की थी।

अध्यक्ष विश्वनाथन आनंद ने बताया कि भारत, अमेरिका और साइप्रस सहित कई देशों ने इस मैच की मेजबानी में गहरी रुचि दिखाई थी। सभी प्रस्तावों पर विचार करने के बाद मैच को न्यूट्रल वेन्यू पर आयोजित करने का फैसला किया गया। इसी कारण जेनेवा को चुना गया। स्विस चेस फेडरेशन के अध्यक्ष आंद्रे वोग्टलिन ने कहा कि यह स्विस चेस के लिए एक विशेष दिन है। ब्रिसागो के 22 साल बाद स्विट्जरलैंड में शतरंज का इतना बड़ा आयोजन हो रहा है। फिडे ने एक पोस्ट के जरिए वेन्यू का ऐलान किया था।
विश्व चैंपियनशिप मैच में कुल 14 क्लासिकल गेम खेले जाएंगे। जो खिलाड़ी सबसे पहले 7.5 अंक हासिल करेगा, उसे विजेता घोषित किया जाएगा। यदि 14 क्लासिकल गेम के बाद स्कोर बराबर रहता है, तो विजेता का फैसला टाईब्रेक के जरिए किया जाएगा।

