बुलंद सोच, ग्वालियर।
ग्वालियर जिले के पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सचिन श्रीवास्तव की तबीयत एक महीने से ठीक नहीं है, जैसा कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। हालांकि, हालिया घटनाक्रम कुछ और ही संकेत दे रहे हैं।
कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल के ग्वालियर आगमन के दौरान डॉ. सचिन श्रीवास्तव रेलवे स्टेशन पर उनके इर्द-गिर्द ही नजर आए। एक सामने आए वीडियो में यह पूरा मामला उजागर हुआ है।
चिकित्सीय अवकाश और अस्पताल में अनुपस्थिति
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पद से हटाए जाने के बाद बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन श्रीवास्तव को जिला अस्पताल मुरार में उनके मूल पद पर पदस्थ किया गया था। उपस्थिति दर्ज कराने के बाद से वे स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर चिकित्सकीय अवकाश पर हैं।
उनके नियमित रूप से अस्पताल में सेवाएं न देने से बच्चों का उपचार प्रभावित हो रहा है। उपमुख्यमंत्री के आगमन पर डॉ. श्रीवास्तव की सक्रिय मौजूदगी के बाद उनकी खराब तबीयत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूर्व कार्यकाल में शिकायतें और आरोप
पूर्व सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव का कार्यकाल सबसे अधिक चर्चा में रहा है। इसका कारण उनके खिलाफ सामने आईं शिकायतें और कई गंभीर आरोप हैं।
एक के बाद एक शिकायतें सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था, जिसके बाद ग्वालियर में सीएमएचओ बदल दिए गए। एक माह पहले डॉ. एमएस सागर को सीएमएचओ के पद पर पदस्थ किया गया है।
विभाग की पड़ताल और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
डॉ. श्रीवास्तव की सार्वजनिक उपस्थिति के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। चिकित्सकीय अवकाश के दौरान किसी अधिकारी की सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े होते हैं, खासकर तब जब वह सरकारी दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहा हो।
डॉ. सचिन श्रीवास्तव के अवकाश पर जाने के बाद अब विभाग इसकी पड़ताल कर रहा है कि वे कब ऑन ड्यूटी आएंगे। इसी कारण से उनसे मेडिकल सर्टिफिकेट की मांग की गई है।
अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर हैं कि वे इस मामले को किस तरह देखते हैं। यदि आवश्यक समझा गया, तो डॉ. श्रीवास्तव के चिकित्सकीय अवकाश, स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेजों और सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी के तथ्यों की जांच कराई जा सकती है।
सिविल सर्जन का बयान
इस मामले में डॉ. सचिन श्रीवास्तव से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. सीमा जायसवाल ने बताया कि डॉ. सचिन श्रीवास्तव अवकाश पर हैं। विभाग द्वारा इस मामले को लेकर पता लगाया जा रहा है, और उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट पेश करने के लिए पत्र लिखा गया है।

