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2026-08-06

ग्वालियर के हजार बिस्तर अस्पताल में अगस्त अंत तक शुरू होगी सीटी स्कैन-एमआरआई सुविधा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

ग्वालियर के हजार बिस्तर अस्पताल में लंबे समय से प्रस्तावित सीटी स्कैन और एमआरआई जांच सुविधा शुरू होने का मार्ग अब प्रशस्त हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने मशीनों की स्थापना की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। अगस्त माह के अंत तक दोनों सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।

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स्थापना प्रक्रिया और तकनीकी तैयारियां

जीआरएमसी प्रबंधन ने केबल बिछाने के लिए टेंडर जारी कर कार्यादेश भी दे दिए हैं। मशीनों की स्थापना के लिए आवश्यक तकनीकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने भी काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन के लिए कक्ष तैयार है, जबकि एमआरआई मशीन के लिए एक विशेष आरएफ केज (फैराडे केज) बनाया जा रहा है। यह आरएफ केज जांच के दौरान बाहरी विद्युत-चुंबकीय हस्तक्षेप को रोकेगा, जिससे मशीन सटीक परिणाम दे सकेगी। एमआरआई मशीन की स्थापना पर लगभग 17.02 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मरीजों को मिलने वाली राहत और वर्तमान चुनौतियाँ

वर्तमान में, हजार बिस्तर अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई जांच के लिए पुराने परिसर में ले जाना पड़ता है। आईसीयू और इमरजेंसी के मरीजों को एम्बुलेंस से ले जाने में समय लगने के साथ-साथ जोखिम भी बढ़ जाता है। नई सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को अस्पताल परिसर में ही जांच मिल सकेगी, जिससे उनके इलाज में तेजी आएगी और मरीजों का इंतजार भी कम होगा। अभी पूरे अस्पताल समूह में केवल पुराने अस्पताल परिसर में एक सीटी स्कैन और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में एक एमआरआई मशीन उपलब्ध है, जिसके कारण जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। नई सीटी मशीन और लगभग 17.02 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाली एमआरआई मशीन शुरू होने के बाद मरीजों पर दबाव कम होगा और जांच रिपोर्ट जल्दी मिल सकेगी।

अधीक्षक का बयान

अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने बताया कि सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों की स्थापना के लिए आवश्यक सभी तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केबल बिछाने का कार्य भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा। डॉ. सक्सेना ने यह भी बताया कि उनका प्रयास है कि अगस्त के अंत तक दोनों जांच सुविधाएं मरीजों के लिए शुरू कर दी जाएं, ताकि गंभीर मरीजों को अस्पताल परिसर में ही तत्काल जांच का लाभ मिल सके।