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2026-07-24

हमीदिया अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल, दो दिन में भुगतान के आश्वासन पर समाप्त

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

राजधानी के हमीदिया अस्पताल में बुधवार को आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन न मिलने का मामला गरमा गया। पिछले दो महीने से वेतन न मिलने से नाराज सैकड़ों महिला और पुरुष कर्मचारियों ने सुबह से काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी।

कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में धरना देकर अपने बकाया वेतन और एरियर के भुगतान की मांग की।

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इस हड़ताल का असर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर साफ दिखाई दिया। मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड और ओपीडी तक ले जाने के लिए कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण परिजनों को खुद व्हीलचेयर चलानी पड़ी और मरीजों को स्थानांतरित करना पड़ा। कई स्थानों पर ऑक्सीजन सिलेंडर और बेड भी लिफ्ट के बाहर पड़े रहे।

कर्मचारियों का कहना था कि विभाग ने अप्रैल 2024 से लागू पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन का एरियर देने के आदेश पहले ही जारी कर दिए थे, लेकिन अब तक इसका भुगतान नहीं किया गया है। वेतन और एरियर में लगातार हो रही देरी से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हमीदिया, सुल्तानिया समेत स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में समय पर वेतन न मिलने की समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों के वेतन और एरियर भुगतान की जिम्मेदारी तय करे और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

हड़ताल शाम करीब 4 बजे तक जारी रही। इसके बाद गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह, अस्पताल प्रबंधन और आउटसोर्स कंपनी के मैनेजर हड़ताल स्थल पर पहुंचे।

उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि अगले दो दिनों के भीतर सभी कर्मचारियों का बकाया वेतन और एरियर का भुगतान कर दिया जाएगा।

इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी और काम पर लौट गए।

वासुदेव शर्मा ने यह भी कहा कि प्रबंधन के आश्वासन का सम्मान करते हुए फिलहाल हड़ताल समाप्त की गई है। लेकिन यदि दो दिनों के भीतर वेतन और एरियर का भुगतान नहीं हुआ तो कर्मचारी दोबारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है और अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि भुगतान चाहिए।