बुलंद सोच, इंदौर।

पिछले दस दिनों में भोपाल, डिंडोरी सहित अन्य शहरों से प्रतिष्ठित 12 घी ब्रांड के सैंपल भोपाल स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में जांच में फेल पाए गए हैं। इन नमूनों को मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है।
भोपाल से लिए गए गोवर्धन ब्रांड और डिंडोरी से लिए गए गोपी श्री ब्रांड के घी के सैंपल जांच में फेल होने के बाद इंदौर में गुरुवार को एफएसएसएआई और खाद्य विभाग की टीम ने दोनों कंपनियों के गोडाउन को सील कर दिया। टीम ने जांच के लिए घी के सैंपल भी लिए।
गोवर्धन ब्रांड पर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का दल गुरुवार को एबी रोड स्थित गोल्डन पैलेस कॉलोनी में पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के गोडाउन पर पहुंचा। मौके पर कंपनी के पुणे (महाराष्ट्र) में निर्मित गोवर्धन ब्रांड घी का भंडारण एवं विक्रय पाया गया। इंदौर का यह गोडाउन पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड, पुणे का कंपनी डिपो है, जहां से पूरे मध्य प्रदेश में गोवर्धन ब्रांड के घी की आपूर्ति की जाती है।
एफएसएसएआई वेस्टर्न रीजन, ब्रांच ऑफिस इंदौर के केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। केंद्रीय दल द्वारा गोवर्धन ब्रांड घी के विभिन्न पैकिंग आकारों के 20 नमूने जांच हेतु लिए गए। जांच पूरी होने तक लगभग 25 हजार लीटर घी की बिक्री पर रोक लगाई गई, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 1.50 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
गोपी श्री ब्रांड पर कार्रवाई
वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा साउथ हरसिद्धि स्थित भावण्या एंटरप्राइजेज से गोपी श्री ब्रांड घी के 4 नमूने जांच हेतु लिए गए। इसके साथ ही लगभग 312 लीटर घी को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक जब्त किया गया। इस घी का अनुमानित बाजार मूल्य 1 लाख 34 हजार रुपये है।
भोपाल में पूर्व में हुई कार्रवाई
29 जुलाई को भोपाल में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने रसालखेड़ी स्थित नर्मदा सेल्स कॉर्पोरेशन से द्वारकेश, शगुन, गोवर्धन व भूमि घी का 1500 किलोग्राम घी जब्त किया था। यह घी मिलावट व खाद्य सुरक्षा के मानक नियमों के विपरीत पाया गया था।
जब्त किए गए इस घी के सैंपल की जांच में वेजीटेबल फैट मिला, जो घी में नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, घी में लेड और अल्फा टोकोफेरॉल नामक तत्व तय मानक से अधिक मात्रा में मिले। भोपाल की लैब में प्रदेश भर से फेल हुए 12 सैंपल में से छह सैंपल भोपाल के प्रतिष्ठानों के थे।
बाजार में बिक्री जारी रहने पर चिंता
भोपाल व अन्य स्थानों पर इस घी के सैंपल फेल होने के बाद भी यह अभी इंदौर के बाजार में बिकता रहेगा। दरअसल, स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सैंपलिंग कर सिर्फ पराग डेयरी के डिपो में रखे गोवर्धन घी के स्टॉक को सील कर बिक्री प्रतिबंधित की है।
अन्य थोक बाजारों, रिटेल दुकानों के साथ तमाम सुपर स्टोर्स में इस घी का बड़ा स्टॉक बिक्री के लिए उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि शेल्फ पर रखा यह स्टॉक बिकता रहेगा। टेस्ट रिपोर्ट आने पर यदि यहां भी सैंपल अमानक या मिलावटी पाए जाते हैं, तो बाजार में रखे माल की बिक्री रोकी जाएगी।
अन्य प्रतिष्ठानों से भी लिए गए नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शिकायत के आधार पर विजयनगर स्थित एक रेस्टोरेंट का निरीक्षण भी किया। जांच में रेस्टोरेंट के रसोई परिसर में साफ-सफाई एवं स्वच्छता मानकों का समुचित पालन नहीं पाया गया। इस संबंध में प्रतिष्ठान को सुधार सूचना पत्र जारी किया जा रहा है।
रेस्टोरेंट से जांच हेतु पनीर, दही एवं मसालों के नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए। वहीं, अधिकारियों ने महू स्थित एक प्रतिष्ठान से बेसन, मिठाई, शक्कर व नमकीन के छह नमूने जांच में लिए।

