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2026-07-29

इंटर्न डॉक्टरों की भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद प्रशासन ने बुलाई बातचीत, आंदोलन स्थगित

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मेडिकल कॉलेजों में काम के घंटे कम करने और स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर नौ जुलाई 2026 से इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन जारी था। संगठन द्वारा भूख हड़ताल की घोषणा के बाद प्रशासन ने बातचीत का रास्ता खोला। गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) की डीन डॉ. कविता एन. सिंह ने तत्काल स्वास्थ्य आयुक्त धनराजू एस. को स्थिति से अवगत कराया। आयुक्त ने इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। मंगलवार को वल्लभ भवन में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक के आश्वासन के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने भूख हड़ताल को तब तक के लिए स्थगित कर दिया है। हालांकि, ओपीडी का बहिष्कार जारी रहेगा।

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आंदोलन का घटनाक्रम

एमबीबीएस इंटर्न का यह आंदोलन नौ जुलाई 2026 से शुरू हुआ था। नौ से 14 जुलाई तक भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, दतिया सहित सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डीन को ज्ञापन सौंपे गए थे। 13 जुलाई से काली पट्टी बांधकर काम किया गया और 14 जुलाई को चिकित्सा शिक्षा मंत्री कार्यालय में ज्ञापन दिया गया। 20 जुलाई को अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा संचालक चिकित्सा शिक्षा (डीएमई) से चर्चा की गई। दूसरे चरण के तहत 23 जुलाई को 1,200 से अधिक इंटर्न्स ने हमीदिया अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली। इसके बाद 25 जुलाई को भोपाल में विशाल बाइक रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया गया।

विपक्ष का समर्थन

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। पत्र में चिंता जताई गई है कि आपातकालीन सेवाएं देने वाले इंटर्न को बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इंटर्न डॉक्टरों की मांगें मानने का आग्रह किया है।