बुलंद सोच, जबलपुर।
जबलपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत करीब 17 हजार ग्रामीण परिवारों को नए पक्के घर मिले हैं। जिला पंचायत जबलपुर में योजना के प्रभारी विभाग ने वर्ष 2024-25 में स्वीकृत आवासों में अब तक 16 हजार 901 घरों का निर्माण पूरा होने का दावा किया है। हालांकि, 13 हजार 14 हितग्राही अभी भी अपने पक्के घर के निर्माण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 30 हजार 538 आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 16 हजार 901 आवास पूरे होने के साथ जिले ने 56.50 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है।
योजना में अनियमितता और प्रदर्शन
जिले में आवास योजना की राशि बांटने की जिम्मेदारी जिन अधिकारी और कर्मचारियों को दी गई थी, उनमें से कईयों ने फर्जीवाड़ा भी किया। जनपद पंचायतों के प्रदर्शन में भी बड़ा अंतर सामने आया है। आवास निर्माण की रफ्तार में मझौली जनपद सबसे आगे है। यहां 3 हजार 385 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 2 हजार 442 आवास पूरे हो चुके हैं। मझौली ने 64.50 प्रतिशत उपलब्धि के साथ जिले में शीर्ष स्थान बनाया है, जो जिले की औसत प्रगति 56.50 प्रतिशत से करीब आठ प्रतिशत अधिक है। वहीं, छह जनपदों में आवास निर्माण की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी है।
विभिन्न चरणों की प्रगति
प्रधानमंत्री आवास योजना के पंचम चरण में जिले की प्रगति काफी बेहतर रही है। इस चरण में कुल 1 हजार 454 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 1 हजार 342 आवास तैयार हो चुके हैं, यानी पांचवें चरण में जिले ने 93 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल कर ली है। इस चरण में सिहोरा जनपद ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर उदाहरण प्रस्तुत किया है, जहां स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। आवास प्लस 2025-26 के तहत जिले में 10 हजार 720 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 10 हजार 71 आवासों की स्वीकृति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जो 93.95 प्रतिशत प्रगति दर्शाता है। जिला पंचायत जबलपुर के सीईओ अभिषेक गहलोत ने बताया कि लगातार समीक्षा की जा रही है और धीमी गति से चल रहे कार्यों की रफ्तार बढ़ाने तथा हितग्राहियों को समय पर आवास योजना की राशि का भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

