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जबलपुर में स्मार्ट सिटी अस्पताल सील, हत्या के आरोपी डॉ. अमित खरे से जुड़ाव

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, जबलपुर।

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जबलपुर के स्मार्ट सिटी अस्पताल में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर अस्पताल को तत्काल सील कर दिया गया। अस्पताल का पंजीकरण एक माह के लिए निलंबित कर दिया गया है।

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मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया

निरीक्षण के दौरान अस्पताल में नौ मरीज भर्ती मिले। मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था कर सभी मरीजों को विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। मरीजों को सुरक्षित स्थानांतरित करने के बाद प्रशासन ने अस्पताल परिसर को सील कर दिया।

डॉ. अमित खरे और हत्या का मामला

नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र में 19 जुलाई को तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से पांच युवकों की मौत हो गई थी। जांच में यह हत्या का मामला निकला, जिसका षड्यंत्र डॉ. अमित खरे ने रचा था। निजी अस्पताल से जुड़े एक विवाद में पुरानी रंजिश के चलते डॉ. खरे ने पांच युवकों को हाइवा से कुचलवा दिया था। इस मामले में पुलिस ने डॉ. अमित खरे सहित नौ आरोपितों को अभी तक गिरफ्तार किया है। डॉ. खरे का मदन महल स्थित स्मार्ट सिटी हास्पिटल से जुड़ाव रहा है।

अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल

घटना के बाद से ही अस्पताल की कार्यप्रणाली और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठ रहे थे। अस्पताल के खिलाफ पहले से भी गलत उपचार, फर्जी बीमा क्लेम और अन्य अनियमितताओं की शिकायतें स्वास्थ्य विभाग को लगातार मिल रही थीं। इसके चलते रविवार को अस्पताल में छापेमारी की गई।

निरीक्षण में पाई गईं अनियमितताएं

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का गंभीर अभाव था। मौके पर कोई भी योग्य रेजिडेंट या विजिटिंग डॉक्टर उपस्थित नहीं मिला। फोन पर संपर्क करने के बावजूद कोई चिकित्सक अस्पताल नहीं पहुंचा। अस्पताल परिसर में संचालित पैथोलॉजी में कोई पैथोलॉजिस्ट नहीं था। बायो मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन के निष्पादन से संबंधित समुचित व्यवस्था नहीं थी। अस्पताल भवन से संबंधित कुछ कमियां भी सामने आई हैं। फायर एनओसी सहित भवन संबंधी आवश्यक अनुमतियां मांगने पर मौके पर प्रबंधन की ओर से प्रस्तुत नहीं की गईं।

पंजीकरण संबंधी जानकारी

स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अस्पताल डॉ. सुभाष चाटा के नाम पर पंजीकृत होना पाया गया है।

कारण बताओ नोटिस जारी

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। एक माह के भीतर सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अस्पताल के विरुद्ध आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।