बुलंद सोच, जबलपुर।
जबलपुर में तीन और लोगों के साथ साइबर ठगी की घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें पीड़ितों से कुल लगभग 15 लाख 98 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इन तीनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आम जनता से आग्रह किया है कि वे अनजान लिंक, संदिग्ध ऐप, क्यूआर कोड और अज्ञात नंबरों से आए संदेशों पर बिना सत्यापन के क्लिक न करें। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में देने की सलाह दी गई है।
साइबर ठगी के मामले
कोतवाली थाना क्षेत्र की स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी सोनाली सेठिया (35) को 13 जुलाई की सुबह उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया था। इसके बाद उनका सोशल मीडिया अकाउंट सामान्य रूप से काम नहीं कर रहा था और उनके फोन पर लगातार धमकी भरे संदेश आने लगे थे। 13 से 16 जुलाई के बीच, साइबर ठगों ने उन्हें डरा-धमकाकर अलग-अलग क्यूआर स्कैनर के माध्यम से लगभग 15 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। सोनाली ने कुछ राशि अपने बैंक खाते से भेजी, जबकि शेष रकम विभिन्न दुकानों पर नकद देकर ठगों द्वारा भेजे गए स्कैनर पर ट्रांसफर कराई।
गढ़ा थाना क्षेत्र के शक्तिनगर निवासी विनायक (40) कुछ दिनों पूर्व अपने मोबाइल पर रील देख रहे थे। इसी दौरान ‘एचजेड टीवी’ नाम का एक लिंक खुला, जिस पर क्लिक करते ही एक ऐप डाउनलोड हो गया। कुछ देर बाद जब विनायक ने भुगतान के लिए क्यूआर कोड स्कैन किया, तो उनके खाते से 28 हजार रुपये गायब मिले। जांच में सामने आया कि मोबाइल में डाउनलोड हुआ एपीके मैलवेयर फोन को हैक कर बैंक खाते से अवैध लेनदेन कर रहा था।
रांझी थाना क्षेत्र की एकता विहार कॉलोनी निवासी और ओएफके अस्पताल खमरिया में पदस्थ वरिष्ठ नर्स मधुलिका सिंह चौहान के मोबाइल पर 11 जुलाई की रात एक अज्ञात नंबर से ‘हाय’ का संदेश आया। मधुलिका ने जैसे ही वह संदेश खोला, उनके एसबीआई खाते से तीन बार में 70 हजार रुपये कट गए। बैंक से अगले दिन संपर्क करने पर उन्हें धोखाधड़ी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने तत्काल अपना खाता लॉक कराया।

