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2026-07-27

कमला नेहरू अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड में गंभीर अव्यवस्थाएं, बेड में करंट से मासूम बाल-बाल बची

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कमला नेहरू अस्पताल (हमीदिया) के पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड में गंभीर अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। एक छोटे और संकरे कमरे के भीतर छह बेड लगाए गए हैं। वार्ड में लगा एयर कंडीशनर (एसी) लंबे समय से बंद पड़ा है, जिसके कारण परिजन अपने घरों से छोटे टेबल कूलर लाकर बच्चों को हवा देने का प्रयास करते दिखे।

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जर्जर हो चुकी बिल्डिंग की खिड़कियां टूटी पड़ी हैं, तथा पर्दों के स्थान पर गंदी चादरें लटकाकर धूप और धूल रोकने की असफल कोशिश की जा रही है। वार्ड के माहौल को देखते हुए मरीज व उनके परिजन किसी अप्रिय घटना के साये में जीने को विवश हैं, जहां नवजात और मासूम बच्चों की सेहत के साथ लापरवाही बरती जा रही है।

टांके खुलने और गर्मी से परेशानी

वार्ड में भर्ती एक मासूम बच्चे की मां रेखा सिंह ने बताया कि बीती रात बच्चे के ऑपरेशन के टांके खुल गए थे। परिजनों द्वारा नर्सिंग स्टाफ को जानकारी दिए जाने के बावजूद किसी ने ध्यान नहीं दिया, जिससे मासूम पूरी रात दर्द से तड़पता रहा। सुबह जब डॉक्टर राउंड पर आए, तब परिजनों की विनती पर डॉक्टरों के हस्तक्षेप से मासूम को दोबारा टांके लगाए गए।

अस्पताल में भर्ती दो वर्षीय मासूम की मां प्रेमा बाई ने जानकारी दी कि वार्ड में अत्यधिक उमस और गर्मी के कारण बच्चे का रो-रोकर बुरा हाल है। एसी बंद होने और टूटी खिड़की पर गंदी चादर लगाए जाने के कारण मच्छरों से बचाव मुश्किल हो रहा है। परिजनों को मजबूरी में घर से टेबल कूलर लाना पड़ा, जिससे थोड़ी राहत मिल सकी।

बेड में करंट का मामला

लापरवाही का एक और मामला सामने आया, जिसमें वार्ड में लगे बेड में अचानक करंट आने लगा। एक मासूम बच्ची करंट की चपेट में आने से बाल-बाल बची। परिजनों द्वारा नर्सों को सूचित करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने डॉक्टरों से शिकायत की, जिसके बाद बिजली के तार दुरुस्त किए गए। इस घटना पर नर्सों ने मरीज के परिजनों से बहस करते हुए कहा, “सर (डॉक्टर) को बताने की क्या जरूरत थी?”

अस्पताल प्रबंधन का बयान

गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता एन. सिंह ने बताया कि पीडियाट्रिक वार्ड में जगह और सुविधाओं की समस्या है, तथा उस पूरी इमारत का नवीनीकरण (रिनोवेशन) कराया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कमला नेहरू अस्पताल के सामने एक नया सेंट्रल ओपीडी ब्लॉक तैयार किया जा रहा है, और इसके बनते ही पीडियाट्रिक वार्ड को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

डॉ. कविता एन. सिंह ने आश्वासन दिया कि वर्तमान में वार्ड में जो भी अव्यवस्थाएं या परेशानियां हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त करने के लिए वे वार्ड प्रभारी से बात करेंगी।

हमीदिया अस्पताल के सह-अधीक्षक डॉ. विजय वर्मा ने बताया कि उन्हें कमला नेहरू अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में आ रही समस्याओं और अव्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, तथा जल्द से जल्द व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

एमबीबीएस इंटर्न की हड़ताल

इस बीच, एमबीबीएस इंटर्न अपनी स्टाइपेंड की मांग को लेकर 23 जुलाई से हड़ताल पर हैं और इमरजेंसी सेवाएं दे रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने भोपाल में एक बाइक रैली भी निकाली।