बुलंद सोच, भोपाल।
भोपाल के कोलार जलशोधन संयंत्र (फिल्टर प्लांट) से जुड़े 70 से अधिक इलाकों के निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। बिजली मेंटेनेंस या किसी तकनीकी खराबी के दौरान अब इन इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित नहीं होगी। इसके लिए 132 केवी महाबड़िया एक्स्ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशन पर 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर लगाने की तैयारी की जा रही है। इस व्यवस्था से कोलार प्लांट को स्थायी रूप से वैकल्पिक बिजली स्रोत मिलता रहेगा।
मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य के अनुसार, महाबड़िया सब स्टेशन पर वर्तमान में लोड 80% से कम है। भविष्य में मेंटेनेंस का असर जलापूर्ति पर न पड़े, इसके लिए नगर निगम डिपॉजिट स्कीम के तहत करीब 10 करोड़ रुपये देगा, जिससे यह अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा।
ट्रांसफार्मर लगने से एक स्रोत से बिजली आपूर्ति बंद होने पर दूसरे स्रोत से प्लांट को पावर मिलती रहेगी और जलप्रदाय सुचारू रहेगा।
हालिया घटनाक्रम और सहमति
उल्लेखनीय है कि लगभग 10 दिन पहले प्लांड बिजली शटडाउन के दौरान कोलार जलशोधन संयंत्र की बिजली सुबह 10:24 बजे से शाम 5:30 बजे तक बंद रही थी। इसके कारण कोलार प्लांट से जुड़े 70 से अधिक इलाकों में शाम की वाटर सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई थी। इस घटना के बाद निगम और बिजली कंपनी के बीच वैकल्पिक स्रोत को लेकर सहमति बनी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीवेज मिले दूषित जल की आपूर्ति पर भड़कते हुए कहा कि ‘राजधानी में पानी नहीं, जहर पिला रही सरकार’।
प्रमुख लाभार्थी इलाके
अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगने के बाद शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में पानी का संकट खत्म होगा। इनमें मुख्य रूप से अरेरा कॉलोनी (ई-6, ई-7), शिवाजी नगर, तुलसी नगर, बरखेड़ी कला, राजीव नगर बस्ती, आरिफ नगर, न्यू आरिफ नगर, निशातपुरा, इब्राहिमगंज, मंगलवारा, इतवारा, बुधवारा, शास्त्री नगर तथा न्यू एवं ओल्ड एमएलए क्वार्टर शामिल हैं।

