बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में नए कदम उठाए जा रहे हैं। शहर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त इलेक्ट्रिक एसी बसों (ई-बसों) का नियमित संचालन जल्द ही शुरू होगा। वर्तमान में इन बसों का परीक्षण भोपाल की प्रमुख सड़कों पर किया जा रहा है। शुरुआती चरण में इनका वाणिज्यिक परिचालन शहर के 10 प्रमुख मार्गों पर प्रारंभ किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को किफायती दरों पर वातानुकूलित और आरामदायक यात्रा सुविधा प्रदान करना है।
इन आधुनिक इलेक्ट्रिक एसी बसों में यात्रा के लिए यात्रियों को अधिक भुगतान नहीं करना पड़ेगा। प्रति किलोमीटर 1.50 रुपये की शुरुआती दरें तय की गई हैं, जबकि न्यूनतम किराया 7 रुपये निर्धारित है। इस व्यवस्था के तहत, यदि कोई यात्री 10 किलोमीटर की दूरी तय करता है, तो उसे केवल 15 रुपये का भुगतान करना होगा। यह किराया दरें आम नागरिकों के लिए दैनिक यात्रा को अत्यंत किफायती बनाती हैं।
केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से शुरू की गई इस परियोजना का क्रियान्वयन एक निजी एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में 20 ई-बसें भोपाल की सड़कों पर उतारी जाएंगी, जिनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ाकर 100 और फिर 200 तक की जाएगी। केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि प्रदेश के चार अन्य बड़े शहरों इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी कुल 587 ई-बसों को चलाने की योजना है।
अनुबंध की शर्तों के अनुसार, बसों की चार्जिंग, रखरखाव और स्टाफ का संपूर्ण खर्च संबंधित ऑपरेटिंग कंपनी उठाएगी। इसके बदले में सरकार कंपनी को प्रति किलोमीटर 58.17 रुपये का भुगतान करेगी।
आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा
इन पूर्णतः एयर-कंडीशंड बसों में 25 यात्रियों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले दिव्यांग यात्रियों के लिए बसों में विशेष हाइड्रोलिक डोर और आरक्षित स्थान का प्रावधान है। सुरक्षा की दृष्टि से बस में दो ऑटोमैटिक गेट दिए गए हैं। ये दरवाजे पूरी तरह बंद न होने तक बस आगे नहीं बढ़ेगी। बस के भीतर 8 सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए खिड़कियों के पास इमरजेंसी एग्जिट सिस्टम लगाया गया है।
भोपाल में प्रमुख ई-बस मार्ग
शहर में इन 10 प्रमुख रूटों पर ई-बसें संचालित होंगी:
1. सूखी सेवनिया से भोजपुर (49.0 किमी)
2. अटल बिहारी यूनिवर्सिटी से आरआरएफ कैंप बगरोदा (50.6 किमी)
3. अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया से बीडीए कॉलोनी (32.0 किमी)
4. अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया से बिलकिसगंज (41.8 किमी)
5. परवलिया सड़क से औबेदुल्लागंज (56.8 किमी)
6. सीहोर से रातापानी (68.5 किमी)
7. सीहोर से कटारा बायपास तिराहा (53.7 किमी)
8. कोच फैक्ट्री से औबेदुल्लागंज (41.3 किमी)
9. फंदा से मंडीदीप (65.3 किमी)
10. बिलखिरिया से सीहोर (61.5 किमी)

