बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक पारित कर दिया। इस नए कानून का उद्देश्य उद्योगों को समय पर मंजूरी दिलाना और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
विधेयक के तहत राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सचिवालय’ का गठन किया जाएगा। यह सचिवालय उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करेगा।
इसके साथ ही, राज्य निवेश प्रोत्साहन समिति और जिला निवेश प्रोत्साहन समिति का गठन भी किया जाएगा। इन समितियों का कार्य निवेश प्रस्तावों पर तेजी से निर्णय सुनिश्चित करना होगा।
सरकार मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) को राज्य की नोडल एजेंसी घोषित करेगी। विभिन्न विभागों को आवश्यक अनुमतियों के लिए अपने अधिकारियों को अधिकार सौंपने होंगे। जहां अधिकार सौंपना संभव नहीं होगा, वहां सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति या नामांकन किया जाएगा।
नए कानून के अनुसार, व्हाइट और ग्रीन श्रेणी के उद्योगों को स्व-घोषणा (सेल्फ डिक्लेरेशन) के आधार पर स्थापना प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। इस प्रमाणपत्र और स्व-घोषणा के आधार पर उद्योग अपना कार्य शुरू कर सकेंगे।
हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य, सार्वजनिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े निरीक्षण पहले की तरह जारी रहेंगे। इन मामलों में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
