बुलंद सोच,।

बॉलीवुड के सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह छात्रों के साथ हुई मारपीट और बर्बरता देखकर भावुक हो गए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में सरकार की निंदा की और छात्रों को सपोर्ट दिया।
एक्टर का कहना है कि अगर देश चलाने वाले जाहिल हैं, तो वे यही चाहेंगे कि पूरा देश जाहिल ही बने। नसीरुद्दीन शाह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और पूना फिल्म इंस्टीट्यूट में अभिनय के दो अलग-अलग कोर्स पूरे करने के बावजूद, नसीरुद्दीन शाह ने अभिनय के बारे में सबसे ज्यादा उन बच्चों और तालिब-ए-इल्म से सीखा है, जिन्हें सिखाने की कोशिश उन्होंने की है।
नसीरुद्दीन शाह ने आगे कहा कि उनकी पूरी हमदर्दी छात्रों के साथ है। उन्होंने कहा कि वह उन्हें हजार-हजार हर सांस के साथ दुआएं देते हैं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस वक्त उनका दिल भी भरा हुआ है और वह गुस्से से खौल भी रहे हैं यह देखकर कि इन बच्चों के साथ किस तरह जुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो उन्हें अमरीका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए।
आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। उन्होंने इन सब बच्चों से कहा कि हिम्मत न हारें, क्योंकि बहुत से लोगों की हमदर्दी उनके साथ है और बहुत से लोग उनके साथ हैं। उन्होंने छात्रों से लड़ते रहने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि उन्हें मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। उन्होंने मुल्क की हुकूमत से सिर्फ इतना कहा कि सब याद रखा जाएगा।
नसीरुद्दीन शाह के पुराने वीडियो का दावा
कुछ समय पहले नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके साथ यह दावा किया गया था कि एक्टर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रोटेस्ट का हिस्सा बने हैं और जंतर मंतर पहुंचे हैं। हालांकि, फैक्ट चैक करने पर सामने आया कि नसीरुद्दीन शाह और उनके बेटे का वो वीडियो पुराना है।
शबाना आजमी को अस्थमा अटैक
20 जुलाई को सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी और प्रकाश राज जैसे बड़े चेहरे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे। इस दौरान शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ गई।
अब एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया है कि आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से उन्हें अस्थमा अटैक आया। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, लेकिन उनका पंप उनके पास था।
पास की बिल्डिंग में ले जाकर उन्हें शुरुआती उपचार दिया गया। कुछ देर बाद तबीयत ठीक होने पर उन्होंने दोबारा प्रोटेस्ट जॉइन किया।
बाकी कलाकारों के शामिल न होने पर शबाना का जवाब
बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के न आने पर सवाल पूछे जाने पर शबाना ने कहा कि लोग सिर्फ फिल्मी सितारों की अनुपस्थिति पर बात करते हैं। कोई भी बड़े बिजनेसमैन या उद्योगपतियों के शामिल न होने पर सवाल नहीं उठाता।
उन्होंने कहा कि ऐसे सवाल पूछकर मुख्य मुद्दे को भटकाया जाता है और गैर-जरूरी विवाद खड़ा किया जाता है।
दिलजीत दोसांझ ने छात्रों का समर्थन किया
दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि आज जो हुआ, बहुत गलत हुआ। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए था। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे छात्रों की मांगें सुनें, क्योंकि लोगों की आवाज ही भगवान की आवाज होती है।
उन्होंने लिखा कि उन्हें पहले भी कई बार ‘एंटी-नेशनल’ कहा गया है और अब भी शायद उन्हें यही कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन के बाद उन्हें काफी विरोध और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिनके बारे में वह खुलकर बात भी नहीं कर सकते। उन्होंने अंत में लिखा कि बाकी सब भगवान देख रहे हैं और भगवान सबका भला करें।
कंगना रनोट ने आंदोलन को दबाव बनाने की कोशिश बताया
सोमवार को कंगना रनोट ने कहा था कि मुद्दों पर चर्चा करने के लिए संसद सही जगह है, न कि सड़कें। उन्होंने कहा कि जनता ने एक सरकार चुनी है और सरकार चलाने का फैसला उसी का होना चाहिए।
कंगना ने कहा कि ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आंदोलन चल रहा है, वह ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के जरिए सरकार को यह तय करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता कि किसे पद पर रखना है और किसे हटाना है।
हेमा मालिनी ने छात्रों को गुमराह न करने की सलाह दी
बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने भी न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में इस प्रदर्शन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आंदोलन से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
हेमा मालिनी ने कहा कि इस मामले को बातचीत से हल किया जाना चाहिए और इसमें शामिल छात्रों को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
इन बड़े सेलेब्रिटीज ने भी आंदोलन का समर्थन किया
जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में शबाना आजमी और प्रकाश राज के अलावा कुणाल कामरा और स्वरा भास्कर भी जमीनी स्तर पर शामिल हुए हैं।
वहीं, सोनी राजदान, जीनत अमान, अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, ओमी वैद्य और सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुहिम का समर्थन किया है।
गीतकार जावेद अख्तर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखकर इस मामले पर बातचीत शुरू करने की मांग की है। इनके अलावा विशाल ददलानी, दीया मिर्जा और फिल्म मेकर ओनिर ने भी प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जताई है।
