बुलंद सोच, भोपाल।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के खाते में टैक्स शेयरिंग के तहत 8010 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त जारी की है। राज्य सरकार इस राशि का उपयोग अपनी योजनाओं, विकास कार्यों और अन्य जरूरी खर्चों में कर सकेगी। इस राशि के साथ, मध्य प्रदेश देश में तीसरा सबसे ज्यादा फंड पाने वाला राज्य बन गया है।
केंद्र ने जारी की कुल 1.09 लाख करोड़ रुपये की राशि
केंद्र सरकार द्वारा शनिवार को मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बंगाल और बिहार राज्य को कुल 1.09 लाख करोड़ रुपये की टैक्स शेयरिंग की अतिरिक्त राशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 अगस्त, 2026 को प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में राज्यों की आर्थिक समृद्धि के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को टैक्स डेवोल्यूशन की अतिरिक्त किस्त के रूप में ₹1,09,019 करोड़ जारी किए गए, जिसमें मध्यप्रदेश के लिए ₹8010 करोड़ शामिल है।
टैक्स शेयरिंग की प्रक्रिया
मध्य प्रदेश वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने स्पष्ट किया कि यह कोई नई राशि नहीं है, बल्कि राज्यों को हर माह टैक्स शेयरिंग के तहत किस्त मिलती है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार की तरफ से जुटाए गए कुल टैक्स राजस्व का 41 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को दिया जाता है। यह रकम पूरे वित्त वर्ष में 14 किस्तों के जरिए राज्यों तक पहुंचाई जाती है।
अतिरिक्त फंड के लाभ
इस अतिरिक्त फंड से राज्यों के पास अपनी योजनाओं और त्योहारों से पहले अतिरिक्त धन उपलब्ध होगा, जिससे वे अपने खर्चों को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकेंगे। केंद्र सरकार ने यह एक्स्ट्रा रकम राज्यों की वित्तीय स्थिति को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से जारी की है। यह योजना त्योहारों के समय बढ़ने वाले खर्चों, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी योजनाओं के लिए भी काफी मददगार हो सकती है।

