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2026-07-29

मध्य प्रदेश को मूंग खरीद का 87% राष्ट्रीय कोटा मंजूर, अब तक केवल 2% खरीद

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में मूंग की खरीद सीमा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने आ गई हैं। प्रदेश की मूंग खरीद की सीमा बढ़ाने की राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने अपना जवाब दिया है।

मध्य प्रदेश को सर्वाधिक मूंग खरीद कोटा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार, ग्रीष्मकालीन सीजन 2025-26 में देशभर में मूंग खरीद के लिए मंजूर कुल 5.23 लाख मीट्रिक टन मात्रा में से अकेले मध्य प्रदेश को 4.54 लाख मीट्रिक टन से अधिक की मंजूरी दी गई है। यह राष्ट्रीय स्तर पर मंजूर मात्रा का लगभग 87 फीसदी हिस्सा है, जिसे केंद्र ने अब तक प्रदेश को मिली सबसे बड़ी मूंग खरीद मंजूरी बताया है।

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केंद्र ने तेजी से खरीद पूरी करने को कहा

केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से कहा है कि पहले से मंजूर मात्रा की खरीद तेजी से पूरी कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल सके।

अब तक केवल 2% मूंग की खरीद

केंद्र को मिले आंकड़ों के अनुसार, 16 जुलाई 2026 तक मध्य प्रदेश में केवल 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग की ही खरीद हो पाई है। इसमें लगभग 12 हजार किसान शामिल हैं। यह मात्रा प्रदेश के लिए मंजूर कुल खरीद सीमा का लगभग 2 फीसदी है।

अतिरिक्त खरीद पर नियमों के तहत विचार

केंद्र सरकार ने इसी आंकड़े का हवाला देते हुए कहा है कि पहले मौजूदा स्वीकृत सीमा के तहत खरीद पूरी कराई जाए। मंत्रालय के अनुसार, स्वीकृत मात्रा पूरी होने के बाद यदि अतिरिक्त खरीद की जरूरत रहती है, तो नियमों के तहत राज्य के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।

पिछले साल की मूंग खरीद

ग्रीष्मकालीन सीजन 2024-25 में मध्य प्रदेश के लिए 4,19,692 मीट्रिक टन मूंग खरीद की मंजूरी दी गई थी। इसके मुकाबले 3,93,123.79 मीट्रिक टन मूंग की खरीद हुई, जिसका एमएसपी मूल्य लगभग 3,413.10 करोड़ रुपये रहा। इस खरीद का लाभ 1,22,776 किसानों को मिला था।

सोयाबीन खरीद में भी मिली सहायता

केंद्र ने मूंग के साथ सोयाबीन को लेकर भी मध्य प्रदेश को मिली मदद का जिक्र किया है। वर्ष 2025-26 में भावांतर भुगतान योजना (PDPS) के तहत प्रदेश के लिए 22.21 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन की मंजूरी दी गई, जिसके लिए केंद्र की ओर से 1,093.13 करोड़ रुपये जारी किए गए। केंद्र के अनुसार, इस योजना का लाभ 7,10,257 किसानों को मिला है।

दलहन खरीद के प्रावधान

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने बताया कि पीएम-आशा (PM-AASHA) के तहत तूर, उड़द और मसूर की 100 फीसदी खरीद का प्रावधान है। वहीं, अन्य अधिसूचित फसलों की खरीद अनुमानित उत्पादन के अधिकतम 25 फीसदी तक की जा सकती है। मंत्रालय के अनुसार, खरीद व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में एमएसपी का सुरक्षा कवच देना है।

दलहन और तिलहन पर भी जोर

केंद्र सरकार का कहना है कि एमएसपी व्यवस्था को केवल गेहूं और धान तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। दलहन और तिलहन किसानों को भी उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए खरीद और भावांतर जैसी व्यवस्थाओं के जरिए सहयोग दिया जा रहा है। केंद्र ने कहा है कि किसानों के हित में मध्य प्रदेश सरकार को जरूरी सहयोग जारी रहेगा।

राज्य के सामने मौजूदा चुनौती

फिलहाल राज्य के सामने पहले से मंजूर 4.54 लाख मीट्रिक टन से अधिक मूंग खरीद को पूरा कराने की चुनौती है। इसके बाद अतिरिक्त कोटे की जरूरत पड़ने पर केंद्र नियमों के तहत उस पर विचार करेगा।