बुलंद सोच, उज्जैन।
मध्य प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पारस जैन का इंदौर के अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे कैंसर से पीड़ित थे। उनके निधन की खबर से प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई।
शिवराज मंत्रिमंडल में पारस जैन प्रदेश के वन, स्कूल शिक्षा, खाद्य नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण के साथ ऊर्जा मंत्री भी रहे। उन्होंने उज्जैन उत्तर विधानसभा का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किया और छह बार विधायक रहे। पारस जैन को ‘पहलवान’ के नाम से भी जाना जाता था।
राजनीतिक सफर
जैन का जन्म 20 जून 1950 को उज्जैन में हुआ था। वे वर्ष 1990 में पहली बार विधायक बने। इसके पश्चात, वर्ष 2005 से 2013 तक उन्होंने राज्य में विभिन्न मंत्रालयों में मंत्री के रूप में कार्य किया। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला था, जिसके बाद से उन्होंने राजनीति से लगभग दूरी बना ली थी और उनकी सक्रियता भी कम हो गई थी। भाजपा में वे एक अनुभवी नेता के रूप में जाने जाते थे और अपने विधानसभा क्षेत्र में उनकी गहरी पकड़ रही।
उनकी अंतिम यात्रा सोमवार दोपहर 3 बजे उनके निवास से निकाली जाएगी।

