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2026-08-07

मध्यप्रदेश में तमिल, तेलुगु सहित कई भारतीय भाषाओं में होगी पढ़ाई: मंत्री परमार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि भारत में 4 हजार साल पहले इंजीनियरिंग की शिक्षा दी जाती थी, जिसके कई प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने इस पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि हमें अपने पूर्वजों द्वारा दिए गए ज्ञान को आज समझने की आवश्यकता है।

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मंत्री परमार ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश में केवल हिंदी ही नहीं, बल्कि तमिल, तेलुगु, गुजराती और पंजाबी जैसी अन्य भारतीय भाषाओं में भी पढ़ाई कराई जाएगी। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि यदि कोई विद्यार्थी दूसरे राज्यों में अध्ययन या रोजगार के लिए जाए, तो उसे वहां किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मंत्री इंदर सिंह परमार ने ये बातें एसजीएसआईटीएस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में उन्होंने झाबुआ पॉलिटेक्निक कॉलेज के इंटर्नशिप विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उन्हें प्रमाण पत्र वितरित किए।

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि एसजीएसआईटीएस ने पिछले वर्ष बी.टेक के प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए सामुदायिक पाठ्यक्रम शुरू किया है। इस पाठ्यक्रम में अध्ययनरत 600 से अधिक विद्यार्थियों ने उन्नत भारत अभियान, शिव-गंगा झाबुआ, सेवा भारती और विज्ञान भारती सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़कर कार्य किया है।

संस्थान के 250 विद्यार्थियों ने मध्यप्रदेश के 20 जिलों के 60 गांवों में 4 दिन रहकर ग्रामीण भारत की जीवनशैली को समझा है।

इस कार्यक्रम में खासगी ट्रस्ट के अध्यक्ष यशवंत राव होलकर और पद्मश्री प्रो. डीबी फाटक भी उपस्थित रहे।

उत्कृष्ट छात्रावासों में शिक्षकों की नियुक्ति

जनजातीय कार्य विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा विकासखंड स्तर पर संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में कोचिंग अध्यापन कार्य के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए योग्य शिक्षक-शिक्षिकाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

आवेदन संबंधित छात्रावास के अधीक्षक के पास 15 अगस्त तक जमा करने होंगे। नियुक्त किए गए शिक्षकों को कालखंड के अनुसार भुगतान किया जाएगा और उन्हें प्रतिमाह कम से कम 20 कालखंड पढ़ाना अनिवार्य होगा।

इंदौर जिले में जनजातीय कार्य तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा विकासखंड स्तर पर संचालित 7 उत्कृष्ट छात्रावासों में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को कोचिंग अध्यापन हेतु शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक एवं स्नातकोत्तर में 60 प्रतिशत उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। बीएड एवं एमएड उम्मीदवारों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

शिक्षकों को 300 रुपये प्रति कालखंड का भुगतान किया जाएगा। उम्मीदवार केवल एक ही छात्रावास में आवेदन कर सकते हैं।

इंदौर जिले में उत्कृष्ट अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास मोतीतबेला इंदौर, कन्या छात्रावास देपालपुर, कन्या छात्रावास सांवेर, बालक छात्रावास संयोगितागंज इंदौर, बालक छात्रावास देपालपुर, बालक छात्रावास महूगांव तथा बालक छात्रावास सांवेर इन 7 छात्रावासों में नियुक्तियां की जाएंगी।