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2026-08-07

बालिग गुमशुदा को भी अब अपहरण मानकर जांच करेगी पुलिस

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

गुमशुदा लोगों के मामलों में नियमों में बदलाव किया गया है। अब हर वह गुम इंसान, चाहे वह बालिग हो, पुरुष हो या महिला, पुलिस उसे अपहरण मानकर ही जांच करेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इंदौर में भी गुमशुदगी के मामलों को महज मिसिंग पर्सन रिपोर्ट (एमपीआर) तक सीमित रखने की परंपरा बदल गई है। अभी तक पुलिस अधिकांश गुम इंसानों को खोई हुई वस्तु मानकर जांच करती थी, लेकिन अब उसे पूरी फाइल बनाकर चार्जशीट तक पेश करनी होगी।

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विभिन्न थानों में दर्ज मामले

गुमशुदगी को लेकर पुलिस ने सोमवार रात आजाद नगर में एक, तेजाजी नगर में दो, मल्हारगंज में दो, राजेंद्र नगर में दो, विजय नगर में एक, खजराना में एक, कनाड़िया में एक, तिलक नगर में एक, पलासिया में एक तथा जूनी इंदौर में एक मामला धारा 140(3) के तहत दर्ज किया।

नई व्यवस्था में कानूनी प्रक्रिया

अभी तक नाबालिगों के लापता होने पर धारा 137(2) के तहत अपहरण का मामला दर्ज होता था। यह धारा तब लागू होती है, जब किसी बालिग या विधिक संरक्षक की अभिरक्षा में रहने वाले व्यक्ति को उसकी अनुमति के बिना ले जाया जाता है। नई व्यवस्था में एफआईआर दर्ज होने से विवेचना की कानूनी जिम्मेदारी बढ़ेगी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने, सीसीटीवी फुटेज खंगालने, कॉल डिटेल निकालने और संदिग्धों से पूछताछ जैसी कार्रवाई शुरू से ही अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी। साथ ही, रजिस्टर्ड डेटा पुलिस के खोजबीन के प्रयासों को भी दर्शाएगा।

गंभीरता पर निर्भर सफलता

जानकारों का कहना है कि कानून में बदलाव अपने आप में एक बड़ा कदम है। लेकिन, इसमें सफलता तभी मिलेगी जब पुलिस एफआईआर को गंभीरता से लेगी। यदि आदेश पालन के लिए एफआईआर दर्ज कर जांच पुराने ढर्रे पर ही चलती रही, तो यह व्यवस्था भी औपचारिकता बन जाएगी। अधिवक्ता महेंद्र मौर्य ने कहा कि अभी तक पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर लोगों को घर भेज देती थी, लेकिन अब केस रजिस्टर्ड होने के बाद गंभीरता से काम करना होगा।

पुलिस अधिकारियों का रुख

अतिरिक्त डीसीपी जोन-2 अमरेंद्र सिंह ने बताया कि पहले भी वे गुम इंसानों की मिसिंग पर्सन रिपोर्ट तैयार करते थे, डायरी मेंटेन होती थी और लगातार निगरानी करते थे। उन्होंने कहा कि आदेश के बाद उन्होंने भी गुम इंसानों के केस दर्ज कर लिए हैं और हर थाने को इसमें और गंभीरता बरतने के निर्देश दिए हैं। यह देश की सबसे पुरानी व्यवस्था में बदलाव है, जिसमें मध्य प्रदेश में गुमशुदगी पर अब सीधे एफआईआर दर्ज होगी। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।