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2026-07-23

मध्यप्रदेश विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश, शहरकाजी ने मुस्लिम समुदाय को छूट देने की मांग की; सीएम बोले- सबको समान अधिकार मिलेंगे

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्यप्रदेश विधानसभा में मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 पेश किया गया है।

यूसीसी विधेयक को लेकर भोपाल के शहरकाजी सैयद मुश्ताक अली नदवी विधानसभा पहुंचे। उन्होंने विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील के साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की।

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शहरकाजी ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यदि आदिवासी समुदाय को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है, तो मुस्लिम समुदाय को भी इससे बाहर रखा जाना चाहिए।

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने यूसीसी विधेयक में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने मांग की है कि जिन समुदायों के परंपरागत अधिकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 और अनुच्छेद 29 के तहत संरक्षित हैं, उन पर यूसीसी के प्रावधान लागू नहीं किए जाएं।

आरिफ मसूद ने बताया कि संविधान का अनुच्छेद 25 नागरिकों को अपने धर्म का पालन, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है, जबकि अनुच्छेद 29 सांस्कृतिक और शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में इन संवैधानिक प्रावधानों के तहत संरक्षित परंपरागत अधिकारों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए।

राज्य विधानसभा में पेश किए गए यूसीसी बिल 2026 पर कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि बाबासाहेब और संविधान ने हम सभी को आजादी दी है। उन्होंने मांग की कि जिस तरह एसटी समुदाय को यूसीसी से छूट दी गई थी, उसी तरह मुसलमानों को भी छूट मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू कर सबको समान अधिकार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विधानसभा में आज विधेयक पेश किया गया है और इस कानून से विशेषकर मुस्लिम बहनों को लाभ मिलेगा।

यूसीसी विधेयक पेश होने के बाद भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति की और शाहबानो प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने वोट बैंक की राजनीति के लिए कई फैसले किए।

रामेश्वर शर्मा ने देश में जनसंख्या संतुलन के मुद्दे को गंभीर बताते हुए समान नागरिक संहिता की जरूरत बताई और कहा कि अब प्रदेश में बहुविवाह और हलाला जैसी प्रथाओं को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यूसीसी का विरोध कर रहे लोगों से सवाल करते हुए कहा कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था लागू करना है।

यूसीसी विधेयक पर मंगलवार को विधानसभा में विस्तृत चर्चा होगी।