बुलंद सोच, भोपाल।
मध्यप्रदेश में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने नई तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में जल्द पुलिस विभाग में नई भर्तियां की जाएंगी।
आठ साल बाद सब-इंस्पेक्टर (एसआई) की भर्ती शुरू होगी और आगे हर साल नियमित पदोन्नति की व्यवस्था भी लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पुलिस को आधुनिक, सक्षम और अधिक प्रभावी बनाना है, ताकि अपराधों पर सख्ती से नियंत्रण किया जा सके।
सोमवार को पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो, उसे कानून से बचने का मौका नहीं मिलना चाहिए। पुलिस को बेहतर संसाधन और प्रशिक्षण देकर उसकी कार्यक्षमता बढ़ाई जाएगी।
डॉ. यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री निवास पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में पुलिस विभाग में भर्ती, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा की गई थी।
हाल ही में विभिन्न विभागों में हुए पदोन्नति में सबसे अधिक लाभ पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिला है। सरकार अब नियमित अंतराल पर पदोन्नति और नई भर्तियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।
अपराध नियंत्रण और नशा मुक्ति अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आह्वान पर प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस देश की बेहतर पुलिस व्यवस्थाओं में शामिल है, लेकिन सरकार इसे और अधिक दक्ष बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब स्थिति काफी बेहतर हुई है। जहां पहले सुरक्षा चुनौती थी, वहां अब विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
समान नागरिक संहिता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार विधानसभा में इसे कानून का स्वरूप देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत करना और प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
