बुलंद सोच,।
तेलंगाना हाईकोर्ट ने महिला प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 27 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी है। आरोपी 32 वर्षीय प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी ने हाईकोर्ट से एफआईआर रद्द करने की मांग की है। अदालत में बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने अपना पक्ष रखा, जबकि सरकार की ओर से अतिरिक्त समय मांगा गया। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तारीख तय की।
महिला अधिकारी के आरोप
शिकायत में महिला अधिकारी ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उस पर दूसरे प्रशिक्षु अधिकारी के साथ संबंध होने का झूठा आरोप लगाया और इस बात को स्वीकार करने का दबाव बनाया। महिला का कहना है कि 9 जुलाई को आरोपी उसे जबरन अपने कमरे में ले गया, उसके बाल पकड़कर खींचे, गला दबाने की कोशिश की और चाकू गर्दन पर रखकर उसे बाहर जाने से रोका। इसके अलावा, उसने बिना जानकारी और सहमति के महिला का निजी वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे उसके पति को भेजकर ब्लैकमेल करने का भी आरोप लगाया है।
पुलिस कार्रवाई और जांच
महिला अधिकारी की शिकायत के आधार पर अट्टापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से हमला, यौन उत्पीड़न, पीछा करना (स्टॉकिंग), महिला की मर्यादा का अपमान करने वाले शब्द या इशारे तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की संबंधित धाराएं शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति
पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई को आरोपी प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी अपने फ्लैट में अचेत अवस्था में मिला था। उसके भाई और दोस्तों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। उन्हें आशंका थी कि उसने कोई हानिकारक पदार्थ खा लिया था। हालांकि, इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया कि जांच के दौरान कोई असामान्य स्थिति नहीं मिली और उसकी हालत स्थिर है।
आरोपी का पिछला सेवा रिकॉर्ड
आरोपी अधिकारी पहले आंध्र प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भी सेवा दे चुका है।
