बुलंद सोच।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने एनालॉग पनीर की बिक्री को लेकर अपनी सख्त नाराजगी व्यक्त की है। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों को पत्र लिखने का निर्णय लिया है। आयोग विभिन्न राज्यों से इस प्रकार के उत्पाद की बिक्री तथा जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तृत विवरण मांगेगा।
आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने स्पष्ट किया कि एनालॉग पनीर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है। आयोग इस विषय पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) को नोटिस जारी कर रहा है, जिसमें पूछा गया है कि इस प्रकार के पनीर को बेचने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है।
जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल
आयोग के सदस्य ने कहा कि यदि सिगरेट पर यह लिख दिया जाता है कि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, तो क्या वह नुकसान पहुंचाना बंद कर देती है? उन्होंने आगे कहा कि जब तीन राज्यों की सरकारों ने इस विषय पर एक सराहनीय निर्णय लिया है, तो अन्य सभी राज्यों को भी तत्काल फैसला लेना चाहिए।
जांच के तरीकों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने बताया कि केवल एरोबिक स्टार्च की जांच करने से एनालॉग पनीर पकड़ में नहीं आता है। इसलिए, आम जनता की सेहत की सुरक्षा के लिए इस मिलावटी खाद्य पदार्थ पर प्रभावी कानूनी प्रतिबंध लगाना बहुत आवश्यक हो गया है।

