बुलंद सोच, मंदसौर।

मंदसौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दो दिनों से रात में बिजली कटौती की जा रही है। रविवार और सोमवार को भी रात 8 बजे से कटौती शुरू हुई। इसी से आक्रोशित ग्राम रेवास-देवड़ा के ग्रामीण ग्रिड पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने ग्रिड पर जमकर हंगामा किया और वहां लगी खिड़कियों के कांच तोड़ दिए। उन्होंने काफी देर तक ग्रिड का घेराव भी कर रखा था।
घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा गुस्सा है कि मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लोड मैनेजमेंट के नाम पर सभी को परेशान किया जा रहा है। कंपनी ने रविवार रात में भी 10 बजे से 11 बजे तक कटौती की थी, जिसके बाद सोमवार को रात 8 बजे से ही फिर कटौती शुरू कर दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बाजार बंद हो चुके होते हैं और गलियां अंधेरी रहती हैं। ऐसे में बिजली बंद होने से घरों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि रात में बिजली कटौती से चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत कंपनी की यह मनमानी भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 24 और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 का उल्लंघन है।
उपभोक्ताओं को समय पर और पर्याप्त विद्युत आपूर्ति देना कंपनी की जिम्मेदारी है। बिना पर्याप्त सूचना और जनहित को ध्यान में रखे कटौती करना सेवा में कमी मानी जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि लोड मैनेजमेंट के नाम पर रात में अंधेरा करके कोई चोरी या हादसा हो जाता है, तो उसकी जिम्मेदारी क्या विद्युत मंडल के अधिकारी-कर्मचारियों की होगी?

