बुलंद सोच, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जन-कल्याण से जुड़े कई बड़े निर्णयों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने विपरीत परिस्थितियों में समाजसेवा करने वाली महिलाओं का सम्मान बढ़ाते हुए पुरस्कार राशि को दोगुना कर दिया है और वनोपज लाभांश में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नियमों में कड़ा बदलाव किया है।
साहसी महिलाओं का सम्मान बढ़ा
प्रदेश में गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, गरीबी, एसिड अटैक, दहेज और घरेलू हिंसा जैसी कठिन परिस्थितियों से संघर्ष कर समाज में मिसाल पेश करने वाली महिलाओं को दिए जाने वाले वीरांगना रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई लोधी पुरस्कार की राशि अब 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई है।
स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र को सौगात
कैबिनेट ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने के लिए 44,515.13 करोड़ रुपए का विशाल बजट मंजूर किया है। यह बजट 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक खर्च होगा। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए 28,083.47 करोड़ रुपए और आयुष्मान भारत (नॉन-एसईसीसी सहित) के लिए 12,123.81 करोड़ रुपए शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जबलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय और उससे जुड़े 11 कृषि कॉलेजों के संचालन के लिए ब्लॉक ग्रांट योजना से 795.95 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
भोपाल-विदिशा के बीच सफर आसान बनाने के उद्देश्य से 44.83 किलोमीटर लंबी 4-लेन सड़क पर सूखी सेवनिया, बेरखेड़ी और सलामतपुर में बायपास बनाए जाएंगे।
वनोपज लाभांश में पारदर्शिता
संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने की योजना को अगले पांच वर्षों (2026-31) के लिए 918 करोड़ रुपए के साथ मंजूरी दी गई है। सरकार ने लाभांश वितरण में पारदर्शिता लाते हुए यह तय किया है कि काष्ठ बिक्री का 20% और बांस कटाई का 100% लाभांश अब किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं, बल्कि केवल समिति के क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय निवासियों और श्रमिकों को ही मिलेगा।

