बुलंद सोच, भोपाल।

केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत प्रदेश की 10 हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में सिंगरौली सहित पांच को एयरपोर्ट बनाने की स्वीकृति रविवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने दी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस में आयोजित विमानन विभाग की समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री नायडू को बताया कि सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया एवं शहडोल हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में परिवर्तित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इस पर केंद्रीय मंत्री ने पांच एयरपोर्ट की स्वीकृति देते हुए सिंगरौली में जगह चिह्नित करने को कहा। ‘उड़ान’ योजना में पूरी राशि केंद्र सरकार देती है।
प्रदेश सरकार अब सिंगरौली सहित पांच जिलों में एयरपोर्ट बनाने के लिए प्रस्ताव नए सिरे से भारत सरकार को भेजेगी। इनमें शहडोल, छिंदवाड़ा, खंडवा जैसे बड़े और दूरस्थ जिलों को शामिल किया जा सकता है। प्रदेश में औद्योगिक विकास और पर्यटन की दृष्टि से भी जिलों के चयन को प्राथमिकता दी जाएगी।
उड़ान योजना का विस्तार
बैठक में केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि ‘उड़ान’ योजना का अगले दस साल के लिए विस्तार कर दिया गया है। अब यह योजना वर्ष 2036 तक जारी रहेगी।
विमानन क्षेत्र में अन्य पहलें
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा देश में सबसे पहले मध्य प्रदेश में प्रारंभ हुई है। 170 से अधिक गंभीर रोगियों को इसका लाभ मिला है, जिनमें से 99 प्रतिशत मरीजों की जान बचा ली गई। इस सेवा में प्रदेश के हर अंचल से गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्था तक पहुंचाया जाता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए इंदौर, भोपाल और जबलपुर एयरपोर्ट को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। वहीं, विमानन क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए कोर्स फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में आठ एयरपोर्ट बन चुके हैं और उज्जैन तथा शिवपुरी में यह कार्य प्रगति पर है। विमानन विभाग के एसीएस संजय कुमार शुक्ल ने जानकारी दी कि इस वर्ष जून तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ उठाया है।
नए एयरपोर्ट के निर्माण में तेजी के निर्देश
केंद्रीय मंत्री नायडू ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और प्रदेश के विमानन विभाग के अधिकारियों को उज्जैन और शिवपुरी में नए हवाई अड्डे के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर तक प्राप्त कर ली जाएं, क्योंकि सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं के लिए यह एयरपोर्ट बहुत उपयोगी होगा। साथ ही, शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने के लिए नई साइट की तलाश शीघ्र की जाए।

