बुलंद सोच, भोपाल।
मध्यप्रदेश में मूंग की पूरी उपज समर्थन मूल्य पर खरीदने सहित किसानों की आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया है।
नर्मदापुरम से भोपाल के लिए निकली संयुक्त किसान मोर्चा की पदयात्रा सोमवार को प्रशासन की रोक-टोक के बावजूद आगे बढ़ती रही।
किसानों के भोपाल की ओर बढ़ने के कारण ओबैदुल्लागंज से भोपाल की तरफ जाने वाला हाईवे बंद है, वहीं जबलपुर की तरफ से सुल्तानपुर मार्ग भी प्रभावित हुआ है।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचकर अपनी मांगें रखेंगे।
आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी है। अन्य मांगों में ई-टोकन व्यवस्था खत्म करना, एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी, फसल बीमा में सुधार, अघोषित बिजली कटौती बंद करना और अनुदान पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराना शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीण सड़कों का निर्माण तथा भारत-अमेरिका ट्रेड डील समाप्त करने की मांगें भी रखी गई हैं।
किसान पदयात्रा सोमवार को नर्मदापुरम से आगे बढ़ी, जहां प्रशासन ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर किसानों को रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी हालांकि आगे बढ़ते रहे और नर्मदा पुल के पास से लेकर बुधनी क्षेत्र तक कई जगह पुलिस और किसानों के बीच आमना-सामना हुआ। किसानों ने रास्ते में लगाए गए पांच बैरिकेड हटाकर आगे का रास्ता बनाया।
इसके बाद यात्रा बरखेड़ा तक पहुंची, जहां किसानों ने रात में विश्राम किया। मंगलवार को किसानों ने भोपाल की तरफ फिर कूच किया।
पहले दिन सुबह करीब 9 बजे से शाम 7:30 बजे तक अलग-अलग स्थानों पर किसानों और पुलिस के बीच गतिरोध बना रहा। प्रशासन ने नर्मदापुरम शहर में प्रवेश से लेकर सेठानी घाट, इंदिरा चौक, भोपाल चौराहा और डोंगरवाड़ा सहित कई जगहों पर किसानों को रोकने का प्रयास किया। किसान हालांकि पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।
पदयात्रा में युवा किसानों के साथ बुजुर्ग भी शामिल रहे।
किसानों के भोपाल की ओर बढ़ने के कारण ओबैदुल्लागंज-भोपाल मार्ग पर यातायात प्रभावित है, जिससे भोपाल की तरफ आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबलपुर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए सुल्तानपुर मार्ग भी प्रभावित होने की सूचना है।
यह आंदोलन ऐसे समय में तेज हुआ है जब प्रदेश में किसान मूंग की एमएसपी खरीदी को लेकर पहले से ही प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले भी किसानों ने हाईवे जाम और विधानसभा घेराव की चेतावनी दी थी।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि औबेदुल्लागंज स्थित गुरुद्वारे में किसानों के ठहरने की व्यवस्था थी, लेकिन प्रशासन ने गुरुद्वारा बंद करा दिया। उनका कहना है कि नर्मदापुरम में आंदोलन के चलते देरी होने के बाद किसानों को रात बरखेड़ा में गुजारनी पड़ी।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। किसानों का कहना है कि सरकार को मूंग की पूरी उपज एमएसपी पर खरीदने सहित सभी मांगों पर ठोस फैसला लेना होगा, जिसके बाद ही आंदोलन वापस लेने पर विचार किया जाएगा।
फिलहाल किसानों का काफिला राजधानी की तरफ बढ़ रहा है और दो प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने से प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था के साथ ट्रैफिक मैनेजमेंट की भी चुनौती खड़ी हो गई है।

