बुलंद सोच, भुज।
गुजरात के जखाऊ तट पर वर्ष 2019 में पकड़ी गई 330 किलोग्राम ब्राउन हेरोइन की तस्करी के मामले में एक विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने छह पाकिस्तानी नागरिकों को आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
भारतीय आरोपियों की रिहाई
अदालत ने कथित रूप से खेप लेने वाले भारतीय आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। उस भारतीय व्यक्ति को भी संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया, जिस पर समुद्र के बीच मादक पदार्थों की खेप लेने का आरोप था। जांच एजेंसी ने दावा किया था कि वह भारतीय नाव के जरिए खेप प्राप्त करने वाला था।
मामले की पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) को 20 मई 2019 को एक सूचना मिली थी। इस सूचना में बताया गया था कि पाकिस्तान की एक मछली पकड़ने वाली नाव गुजरात के जखाऊ तट के पास भारतीय समुद्री सीमा में मादक पदार्थों की खेप पहुंचाने वाली है।
जांच और बरामदगी
जांच के दौरान पाकिस्तान की नाव ‘अल-मदीना’ और भारतीय नाव ‘फेजाने किरमानी’ को पकड़ा गया। पूछताछ में पाकिस्तानी नाव के कप्तान सफदर अली ने मादक पदार्थों की खेप एक भारतीय व्यक्ति तक पहुंचाने की जानकारी होने की बात स्वीकार की। भुज स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की जांच में बरामद पदार्थ को ब्राउन हेरोइन बताया गया। जांच में यह भी सामने आया कि छह पाकिस्तानी नागरिक 11 पॉलीप्रोपाइलीन बैग में पैक 330 पैकेट मादक पदार्थ लेकर भारत पहुंचे थे।

