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2026-08-14

एमपी में लाखों को रोजगार, उज्जैन में यूनिटी मॉल जल्द शुरू: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश अब गारमेंट सेक्टर में बड़ी छलांग लगाने की दिशा में अग्रसर है। धार जिले में पीएम मित्र पार्क पर कार्य शुरू हो गया है, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इस पार्क में खेत से लेकर कारखाने (फार्म टू फैक्ट्री) तक पूरी वैल्यू चेन तैयार होगी।

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उज्जैन में यूनिटी मॉल का निर्माण

वर्तमान में प्रतिवर्ष आठ करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आ रहे हैं। इस शहर में एक यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है, जिसके अगले माह तक पूरा होने की उम्मीद है। इस मॉल के माध्यम से कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग देशभर के उत्पादों को उपलब्ध कराएगा।

मुख्यमंत्री का संबोधन और ई-पोर्टल का शुभारंभ

यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हथकरघा सप्ताह के अंतर्गत आयोजित बुनकरों एवं शिल्पियों के सम्मान समारोह में दी। समारोह में ‘मृगनयनी डॉट कॉम’ और ‘ओडीओपी मार्ट एमपी’ ई-कॉमर्स पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने 15 बुनकरों और शिल्पियों को पुरस्कृत किया तथा बुनकर-हस्तशिल्प प्रदर्शनी का अवलोकन कर मिट्टी से शिवलिंग (पिंडी) का निर्माण भी किया।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और वैश्विक बाजार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऐसे कई कलाकार हुए हैं, जिन्होंने मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को विश्व पटल पर सुशोभित किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के महामंत्र के अनुपालन में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी बुनकरों, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग से जुड़े कलाकारों और विशेष तौर पर ‘एक जिला एक उत्पाद’ को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए दो ई-कॉमर्स वेब पोर्टल की शुरुआत की घोषणा की।

मृगनयनी पोर्टल की पहुंच

इन पोर्टलों के माध्यम से मृगनयनी एम्पोरियम के उत्पादों की डिलीवरी देश के 16 हजार से अधिक स्थानों पर सुनिश्चित हो रही है। प्रथम चरण में मृगनयनी पोर्टल पर 460 से अधिक उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं।

हथकरघा और शिल्पकला को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने हथकरघा और शिल्पकला को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिल्पकार और कलाकारों के हाथों में चमत्कारिक प्रतिभा होती है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर ने लगभग 250 वर्ष पूर्व महेश्वरी साड़ी के माध्यम से देशभर के बुनकरों को संरक्षण प्रदान किया था। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान युवा पीढ़ी भी अब कुटीर एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को अपना रही है और नए पोर्टल से ये उत्पाद युवाओं के लिए ऑनलाइन शॉपिंग हेतु उपलब्ध होंगे।

उत्पादों पर लेबलिंग और क्यूआर कोड

कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग उत्पादों पर लेबलिंग और क्यूआर कोड के माध्यम से जानकारी प्रदान करने की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के उत्पाद देश के विभिन्न शहरों के बाजारों में उपलब्ध होंगे।

सम्मानित किए गए शिल्पी और बुनकर

समारोह में साकिब अहमद (चंदेरी), रोहित रूसिया (छिंदवाड़ा), मसीहउद्दीन (चंदेरी), मोहम्मद गुलफाम (चंदेरी), सिद्दीक अंी (महेश्वर), मोहम्मद रफीक छीपा (उज्जैन), मंजुला बंडे (महेश्वर), पृथ्वीराज सिंह कोली (चंदेरी), महमूद अहमद (चंदेरी), सतीश विश्वकर्मा (ग्वालियर), वकीलन बी (महेश्वर), शेषराव निमजे (सौंसर), दीपा अहिरवार (इंदौर), तानसिंह बामने (भोपाल) और हरीश धवन (ग्वालियर) को सम्मानित किया गया।