बुलंद सोच, भोपाल।

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत लगभग 70 हजार प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) सितंबर के अंत या अक्टूबर में आयोजित की जाएगी। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) को प्रस्ताव भेज दिया है।
विभाग ने परीक्षा का सिलेबस भी ईएसबी को उपलब्ध करा दिया है। साथ ही, प्रश्न बैंक तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसे 15 अगस्त तक विमर्श पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा ताकि शिक्षक परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकें।
ईएसबी ने पांच अगस्त को जारी संशोधित परीक्षा समय-सारणी में विशेष टीईटी के आयोजन के लिए सितंबर या अक्टूबर का समय निर्धारित किया है। इसमें सरकारी शिक्षकों के अलावा निजी स्कूलों के लगभग 35 हजार शिक्षकों को भी शामिल होना होगा।
परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद शिक्षकों के बीच यह असमंजस बना हुआ है कि किन शिक्षकों के लिए परीक्षा अनिवार्य होगी।
विशेष टीईटी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए अलग-अलग आयोजित की जाएगी। दोनों परीक्षाओं का प्रश्नपत्र 150 अंकों का होगा और परीक्षा की अवधि ढाई घंटे निर्धारित की गई है। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (एमसीक्यू) होंगे।
विभाग का उद्देश्य शिक्षकों की योग्यता का मूल्यांकन करना और उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रमाणित करना है।
शिक्षकों को परीक्षा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग ने एक जुलाई से ऑनलाइन कोचिंग कक्षाएं शुरू कर दी हैं। लोक शिक्षण संचालनालय की असेसमेंट सेल विषय विशेषज्ञों के माध्यम से शिक्षकों को विषयवार प्रशिक्षण दे रही है।
यूट्यूब और अन्य डिजिटल माध्यमों से नियमित कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे शिक्षक परीक्षा की तैयारी कर सकें।
वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को लेकर संशय
विशेष टीईटी को लेकर वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर मांग की है कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को आरटीई अधिनियम के तहत टीईटी से छूट दी जाए।
सरकार का तर्क है कि वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षक तत्कालीन व्यापमं परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्त हुए थे, इसलिए उन्हें विशेष पात्रता परीक्षा से मुक्त रखा जाना चाहिए।
वहीं, शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक इस वर्ग के शिक्षकों में परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहेगी।
150 अंकों के प्रश्नपत्र का विवरण
प्रश्नपत्र में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के 30 अंक, भाषा-1 के 30 अंक, भाषा-2 के 30 अंक, गणित के 30 अंक और पर्यावरण अध्ययन के 30 अंक शामिल होंगे।
लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि अभी सटीक तिथि की घोषणा बाकी है और सितंबर माह में परीक्षा होने की संभावना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सेवारत शिक्षकों के लिए एक अलग से विशेष परीक्षा होगी, और नियम पुस्तिका व पाठ्यक्रम उसी के अनुसार प्रदान किए जाएंगे।

