बुलंद सोच, भोपाल।

राजधानी स्थित कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित बुनकर और शिल्पी सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘द मृगनयनी डॉट काम’ पोर्टल और ‘ओडीओपी मार्ट मध्यप्रदेश’ पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनकरों और शिल्पकारों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम हुआ है, जिससे मध्य प्रदेश को लंबी छलांग मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आजकल युवा ऑनलाइन खरीददारी अधिक करते हैं, इसलिए उन्हें दस नंबर मार्केट, न्यू मार्केट और राजबाड़ा जाने की आवश्यकता नहीं होगी। युवा अब घर बैठे खरीददारी कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बुनकरों और शिल्पकारों के लिए बाजार में अनुकूल माहौल बनाने हेतु उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने अहिल्या माता द्वारा महेश्वर के शिल्प को संरक्षण देने और चंदेरी की महत्वपूर्ण भूमिका का भी उल्लेख किया। कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग द्वारा ‘द मृगनयनी डॉट काम’ प्लेटफॉर्म पर 460 उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं, और शीघ्र ही एक हजार उत्पादों को इससे जोड़ने की तैयारी है। ‘ओडीओपी मार्ट मध्यप्रदेश’ पोर्टल के माध्यम से कारीगरों को नई पहचान मिलेगी।
कार्यक्रम में कुटीर और ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि सही बाजार नहीं मिलने के कारण प्रदेश के बुनकरों और शिल्पियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया था। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बनाए गए पोर्टल से बुनकरों और शिल्पियों को अपना व्यवसाय बढ़ाने में सफलता मिलेगी।

मुख्यमंत्री यादव ने धार में पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से तीन लाख लोगों को रोजगार मिलने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों से भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में देश का सबसे बड़ा यूनिटी मॉल एक माह के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा, जिसके लिए कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग को भी काम करने को कहा गया है।
कार्यक्रम में पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने शिल्पकारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और स्वयं एक शिवलिंग भी बनाया।

मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच चयनित कबीर बुनकर पुरस्कार और राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। इसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए प्रदान किए गए। साथ ही, प्रोत्साहन पुरस्कार के तौर पर 15 हजार रुपए भी दिए गए।
इस कार्यक्रम में खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी और उपाध्यक्ष राकेश जादौन भी उपस्थित थे।


