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2026-07-29

मुरैना के दिमनी में 20 दिन पहले एक्सपायर हुई शराब आधे दाम पर बिक रही

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, मुरैना।

आबकारी विभाग द्वारा संचालित शराब ठेकों पर एक बार फिर एक्सपायर शराब की बिक्री शुरू हो गई है। ताजा मामला दिमनी कस्बे का है, जहां 20 दिन पहले एक्सपायर हो चुकी शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। ठेकेदार इस एक्सपायर शराब को आधे दाम पर बेच रहा है, जिसके लालच में शराब के आदी लोग अन्य कस्बों और गांवों से दिमनी पहुंच रहे हैं।

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आधे दाम पर बिक रही शराब

दिमनी के लहर रोड स्थित लाइसेंसी शराब ठेके पर अंग्रेजी और देसी शराब बेची जाती है। पूरे जिले में देसी शराब का एक पउआ 70 से 75 रुपये में बिक रहा है, जबकि दिमनी के ठेके पर यह 40 रुपये का मिल रहा है। इतना ही नहीं, 100 रुपये देने पर तीन पउए दिए जा रहे हैं।

शराब के निर्माण और समाप्ति की जानकारी

बेचे जा रहे पउए ग्वालियर डिस्टिलरी में बने हैं। इन पर निर्माण/पैकिंग तिथि 7 जुलाई 2025 दर्ज है। पउए पर यह भी स्पष्ट लिखा है कि यह शराब निर्माण के एक साल बाद एक्सपायर हो जाएगी, यानी 7 जुलाई 2026 को यह शराब पीने योग्य नहीं रहेगी। इसके बावजूद ठेकेदार इसे आधे दाम का लालच देकर लोगों को बेच रहा है।

बिक्री का दायरा और ठेकेदार

दिमनी में इतनी बड़ी मात्रा में शराब बिक रही है कि यहां अवैध शराब आने का भी अनुमान है। दिमनी के इस ठेके का लाइसेंस बित्तपुरा निवासी नरेंद्र सिंह तोमर के नाम से है। आधे दाम पर शराब लेने के लिए दिमनी के अलावा मुरैना, अंबाह और पोरसा तक के लोग आ रहे हैं, जिसके कारण ठेकेदार ने दुकान पर दो-दो काउंटर बना रखे हैं।

पूर्व आबकारी अधिकारी का निलंबन

गत 18 जून को आबकारी के मदिरा भंडारगृह से एक्सपायर शराब की 260 पेटियां ठेकों पर भेज दी गई थीं। कई पेटियां शराब बिकने के बाद यह मामला सामने आया, जिसके बाद जांच हुई। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की अनुशंसा पर संभाग आयुक्त सुरेश कुमार ने इस गंभीर लापरवाही पर 26 जून को तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र गुर्जर को निलंबित कर दिया था। भंडारगृह का प्रभार जितेंद्र गुर्जर के पास था और उन्हीं के हस्ताक्षर से एक्सपायर शराब ठेकों पर पहुंची थी।

नशे के खिलाफ अभियान के बावजूद बिक्री

मध्य प्रदेश पुलिस विभाग इन दिनों “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत पुलिसकर्मी स्कूल, कॉलेज और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आयोजन कर लोगों को नशे के दुष्प्रभाव बताकर नशामुक्ति का संदेश दे रहे हैं। दूसरी ओर, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के विधानसभा मुख्यालय दिमनी में इस तरह आधे दाम में शराब बेचकर लोगों को नशे के प्रति आकर्षित करना चिंताजनक है।

कम दाम में शराब बेचना अपराध

दिमनी के ठेके से 100 रुपये में जो तीन पउआ बिक रहे हैं, उनका शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मूल्य 66 रुपये और अधिकतम मूल्य 76 रुपये है। आबकारी विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी जेके तिवारी के अनुसार, शासन द्वारा शराब के न्यूनतम और अधिकतम दाम तय किए जाते हैं। इन दामों से कम या ज्यादा पर शराब बेचना लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है। ऐसा करने वाले ठेकेदार का ठेका निरस्त करने से लेकर अन्य विभागीय कार्रवाई की जा सकती हैं।

एक्सपायर शराब के स्वास्थ्य जोखिम

वरिष्ठ चिकित्सक एसके तिवारी के अनुसार, एक्सपायर हो चुकी शराब सेहत के लिए खतरनाक मानी जाती है। ऐसी शराब में अल्कोहल की गुणवत्ता बिगड़ सकती है और कई प्रकार के नुकसानदायक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इस कारण ऐसी शराब पीने से फूड पॉइजनिंग होकर उल्टी और पेट दर्द हो सकता है। इसके ज्यादा उपयोग से सांस लेने में परेशानी, आंखों से धुंधला दिखना और लिवर व किडनी में संक्रमण हो सकता है।