बुलंद सोच, पन्ना।
पन्ना जिले के शाहनगर जनपद अंतर्गत ग्राम पिपरिया कला स्थित एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला का मुख्य द्वार मंगलवार 5 अगस्त को सुबह 10:30 बजे तक बंद मिला। इस दौरान स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राएं गेट के बाहर खड़े होकर शिक्षकों का इंतजार करते नजर आए। बच्चों ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि यहां शिक्षक नियमित रूप से सुबह 11:00 बजे ही पहुंचते हैं। निर्धारित समय से डेढ़ घंटे बाद शिक्षकों के आने से बच्चों की पढ़ाई का कीमती समय बर्बाद हो रहा है। प्राप्त तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि तय समय बीत जाने के बाद भी परिसर में कोई भी शिक्षक या स्टाफ मौजूद नहीं था, स्कूल में ताला लटका था और बच्चे बाहर धूप में बैठे थे।
शिक्षकों की इस गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को समय पर स्कूल भेजते हैं, लेकिन यहां पढ़ाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि शिक्षकों की लापरवाही के कारण बच्चे न तो समय पर पढ़ पा रहे हैं और न ही उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है।
इस गंभीर लापरवाही के संबंध में जब जिला शिक्षा अधिकारी आकांक्षा रावत से बात की गई तो उनका रवैया टालमटोल भरा रहा। उन्होंने कहा, “आप शाहनगर बीआरसी को अवगत करा दीजिए, मैं स्कूल का निरीक्षण करवाती हूं।” डीईओ के इस जवाब से अभिभावक और ज्यादा नाराज हैं। उनका कहना है कि उच्च अधिकारी ही समस्या को टालेंगे तो जमीनी स्तर पर सुधार कैसे होगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पिपरिया कला स्कूल के शिक्षकों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था बनाई जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके।

