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2026-08-01

PMUMS ने बिना सरकारी मदद दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को दिए 4.33 करोड़ रुपए

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक (PMUMS) नामक एक संगठन ने बिना किसी सरकारी मदद के दिवंगत शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को चार करोड़ 33 लाख रुपए की सहायता प्रदान की है।

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एक साल पहले शुरू की गई इस मानवीय पहल में अब तक 15 दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को 27.50 लाख रुपए की राहत देने का काम किया गया है। सामाजिक संवेदना के जरिए शिक्षकों की यह टीम अपने साथी शिक्षकों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है।

PMUMS शिक्षक संगठन ने एक साल पहले यह तय किया था कि यदि शिक्षा विभाग अथवा ट्राइबल विभाग में कार्यरत कोई कर्मचारी सेवाकाल के दौरान किसी कारणवश दिवंगत हो जाता है, तो संगठन के सभी पंजीकृत सदस्य मिलकर उनके परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान करेंगे।

PMUMS संगठन के भोपाल संभाग अध्यक्ष ऋतुराज तिवारी ने बताया कि इस व्यवस्था में हर पंजीकृत सदस्य मात्र 45 से 50 रुपए तक की न्यूनतम राशि सीधे दिवंगत कर्मचारी के नामांकित परिवारजन के बैंक खाते में ऑनलाइन जमा करता है। इस प्रकार एक परिवार को लगभग 26 से 27 लाख रुपए तक का सहयोग प्राप्त हो जाता है।

सहयोग की यह प्रक्रिया हर माह की 5 से 20 तारीख के मध्य संचालित की जाती है तथा संपूर्ण प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है।

संगठन की वेबसाइट www.pmums.com से शिक्षा विभाग एवं ट्राइबल विभाग का कोई भी कर्मचारी निःशुल्क पंजीयन करा सकता है।

कर्मचारी कल्याण कोष, मध्य प्रदेश के सह-संस्थापक बृजेश कुमार असाटी ने बताया कि प्राथमिक माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षक संगठन (PMUMS) के नाम से बने इस संगठन की खास बात यह है कि यह मामूली राशि लेकर लोगों की मदद करता है और इसके लिए कोई फंडिंग नहीं की जाती है। उन्होंने बताया कि जुलाई में अब तक चार शिक्षकों के परिवारों को एक करोड़ 8 लाख 20 हजार रुपए की मदद की गई है। इसके लिए चार क्यूआर कोड बनाए गए और संगठन के सभी सदस्यों को बराबर संख्या में क्यूआर कोड भेजकर 170 रुपए की मदद करने के लिए कहा गया, जिससे एक दिवंगत शिक्षक के परिजनों को 27 लाख रुपए से अधिक की मदद मिली।

PMUMS शिक्षक संगठन की इस पहल से दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को अब तक कुल 4 करोड़ 33 लाख रुपए का आर्थिक संबल मिला है।

माह जून 2026 में चार दिवंगत साथियों के परिवारों को सहयोग पूर्ण किया गया है, जिसमें बैतूल के स्व. श्यामकिशोर सोनी के नॉमिनी को 27 लाख 50 हजार रुपए, देवास के स्व. चंद्रप्रकाश जोशी की नॉमिनी को 27 लाख 50 हजार रुपए, बालाघाट के स्व. कृष्ण कुमार करंडे की नॉमिनी को 27 लाख 40 हजार रुपए तथा दमोह के स्व. अमित असाटी की नॉमिनी को 27 लाख रुपए के साथ कुल 1 करोड़ 9 लाख रुपए सहयोग के रूप में दिए गए हैं।

प्रदेशभर से अब तक लगभग 1 लाख 15 हजार शिक्षक एवं शिक्षा, ट्राइबल विभाग के कर्मचारी इस PMUMS संगठन से पंजीकृत हो चुके हैं। सहयोग अभियान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में अभी तक कुल 15 दिवंगत साथियों के नॉमिनी को 4 करोड़ 33 लाख रुपए का सहयोग किया जा चुका है, जो उन परिवारों के सीधे खातों में सहयोग राशि के रूप में पहुंच चुका है।

PMUMS संगठन के प्रदेश महामंत्री विनोद राठौर ने कहा कि मध्य प्रदेश में इस प्रकार की मानवीय पहल पहली बार प्रारंभ की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि PMUMS संगठन की यह मानवीय पहल नॉमिनी सहयोग की प्रक्रिया दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुई है।

कर्मचारी कल्याण कोष योजना का शुभारंभ 4 मार्च 2025 को संस्थापक सतीश खरे के जन्मदिवस के अवसर पर टीकमगढ़ जिले से किया गया था।

इस योजना के संस्थापक सतीश खरे द्वारा प्रदेश के सेवारत साथियों के परिवार के बारे में भी सोचा गया, जिसे अनुकरणीय बताया गया है।

संस्था के सह-संस्थापक और प्रांत अध्यक्ष मुरली मनोहर अजरिया ने समाज के प्रबुद्धजनों से इस सेवाभावी पहल के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने तथा कर्मचारियों को इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।

दिवंगत शिक्षक साथी के नॉमिनी के बैंक खाते में सहयोग राशि सीधे जमा की जाती है। यह राशि सभी पंजीकृत सदस्यों द्वारा संस्थापक मंडल द्वारा निर्धारित सहयोग राशि के अनुसार प्रदान की जाती है।

कर्मचारी कल्याण कोष की एक निर्धारित नियमावली है। प्रारंभ में नियम था कि कोई भी पंजीकृत सदस्य 3 माह का लॉक-इन पीरियड पूर्ण कर तथा नियमित सहयोग करते हुए पात्र बनता था। वर्तमान में इस नियम में संशोधन कर पात्रता अवधि 6 माह कर दी गई है।

इस योजना का विचार कई परिचित शिक्षक साथियों के असमय दिवंगत होने पर व्यक्तिगत रूप से पर्याप्त सहयोग न कर पाने की पीड़ा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित होकर आया था।

प्रारंभ में लोगों का विश्वास अपेक्षाकृत कम था, लेकिन योजना की पारदर्शिता और सकारात्मक परिणामों के कारण अब शिक्षक साथी उत्साह एवं प्रेरणा के साथ बड़ी संख्या में इससे जुड़ रहे हैं।

पेंशन योजना वर्तमान में विचाराधीन है। इस विषय पर समिति द्वारा कार्य किया जा रहा है और भविष्य में इस संबंध में जानकारी जारी की जाएगी।

यह योजना का लाभ केवल सेवारत शिक्षक साथियों को प्रदान किया जाता है। सेवानिवृत्ति के बाद सदस्य के लिए यह योजना स्वतः समाप्त मानी जाती है।

योजना की नियमावली के अनुसार पात्र दिवंगत सदस्यों के प्रस्ताव जिला टीम द्वारा प्रांतीय आईटी सेल को भेजे जाते हैं। दस्तावेजों के परीक्षण के बाद प्रांतीय आईटी सेल प्रकरण को संस्थापक मंडल के समक्ष प्रस्तुत करती है। पात्र पाए गए दिवंगत शिक्षक साथियों के लिए उनकी मृत्यु दिनांक की वरिष्ठता के आधार पर सहयोग की अपील जारी की जाती है।