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2026-07-29

राहुल गांधी ने छात्रों पर AK-47 हमले के आरोपों पर मोदी सरकार पर हमला बोला

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ एके-47 राइफल के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की भी मांग की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ‘झूठी’ है और उसमें सुधार करने की क्षमता नहीं है।

सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि छात्रों के खिलाफ पूरी की पूरी व्यवस्था जानलेवा है। उन्होंने बताया कि खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाई गईं हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि उनका वह वादा कहां गया कि छात्रों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके उलट छात्रों के खिलाफ घातक हमले और बर्बरता की जा रही है। राहुल गांधी ने उल्लेख किया कि दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और बिहार में एके-47 का, यह तरीका उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार या दिल्ली, हर जगह एक जैसा है। उन्होंने अपनी बात दोहराई कि यह सरकार झूठी है और सुधार इनके बस का नहीं है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह सरकार अपने वादों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज दबाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से देश के छात्रों से माफी मांगने और छात्रों पर हमला करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की, न कि छात्रों पर।

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बिहार में छात्र प्रदर्शन

नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को वामपंथी छात्र संगठनों ने बिहार में कई जगह प्रदर्शन किए। इनमें से कुछ प्रदर्शन हिंसक हो गए थे। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सिवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर एके-47 से गोली चलाई।

दिल्ली में 'संसद चलो' मार्च

वहीं, 20 जुलाई को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में निकाले गए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान भी पुलिस और सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठी और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक के विरोध में किया गया था और इसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल थे। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए थे।