बुलंद सोच, इंदौर।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी के आचरण पर सवाल उठाते हुए उसे आत्मसमर्पण कर मुकदमे का सामना करने की सलाह दी।
सोनम पर मई 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। आरोप है कि उसने अपने प्रेमी राजा कुशवाह और उसके तीन साथियों के साथ हत्या की साजिश रची थी।
इस मामले में अन्य चार आरोपियों ने भी जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई थी, लेकिन वह नामंजूर हो चुकी है।
इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मृतक के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया है कि हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी शुरुआत से ही इस मामले में झूठ बोलती रही है। उन्होंने कहा कि सोनम और उसके परिवार के सदस्यों ने राजा रघुवंशी की हत्या को लेकर हमेशा गलत बयान दिए हैं।
विपिन रघुवंशी ने कहा कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है और सोनम को सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोर्ट उन्हें गवाही या पूछताछ के लिए बुलाएगी तो वे जाने के लिए तैयार हैं।
विपिन ने कहा कि सोनम राजा की हत्या में शामिल है और इसके पुख्ता सबूत हैं, फिर भी वह जमानत पर जेल से बाहर है। उन्होंने दोहराया कि सोनम ने उनके छोटे भाई की हत्या के मामले में शुरू से ही झूठ बोला है।
उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और न्याय जरूर मिलेगा। विपिन ने बताया कि वे राजा रघुवंशी की मौत के बाद कई बार मेघालय जा चुके हैं।
विपिन ने यह भी कहा कि यदि इस मामले में मेघालय पुलिस या वहां की किसी अदालत से उन्हें पूछताछ या गवाही के लिए बुलाया जाता है, तो वे अवश्य जाएंगे। उन्होंने राजा रघुवंशी के लिए न्याय की मांग की।
सोनम रघुवंशी को पिछले साल 9 जून को अपने पति की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह शिलांग जिला जेल में दस महीने से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुई।
मेघालय सरकार ने सोनम की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
