बुलंद सोच, राजगढ़।

राजगढ़ जिले के पड़ाना कस्बे में एक नाले का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा था, तभी उसे पार करते समय एक कार बह गई। कार में महिलाओं और बच्चों सहित कुल 11 लोग सवार थे।
हादसे में स्थानीय लोगों की मदद से दो लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में मुकेश और हुकुमसिंह नामक दो युवक जीवित बचे हैं।
सबसे पहले तीन वर्ष के एक बच्चे का शव मिला। कई घंटों के प्रयास के बाद कुल छह शव निकाले गए हैं। फिलहाल सभी छह शव पड़ाना में ही रखे गए हैं।
शेष लोगों की तलाश जारी है और राहत तथा बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। रेस्क्यू टीमों के साथ-साथ नरसिंहगढ़ एसडीएम, एसडीओपी सहित पुलिस-प्रशासन की टीमें बचाव अभियान में लगी हुई थीं। ग्रामीण भी रस्सियों के माध्यम से बचाव कार्य में जुटे थे।
जानकारी के अनुसार, देवास जिले के सतवास गांव निवासी एक परिवार के 11 लोग एक ईको कार में सवार होकर राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ तहसील के कड़नावद गांव स्थित एक धार्मिक स्थल पर दर्शन करने जा रहे थे। कार में चार बच्चे, चार महिलाएं और तीन पुरुष सवार थे।
कार जैसे ही पड़ाना बायपास पर पहुंची, वहां एक नाला पूरे वेग से बह रहा था। नाला पूरे उफान पर होने के कारण उसका पानी सड़क पर भी काफी ऊपर तक था। तभी चालक ने कार को रोकने के बजाय उसे पार करने की कोशिश की।
इस प्रयास में कार नाले के बहाव के आगे टिक नहीं सकी और अनियंत्रित होकर देखते ही देखते नाले में बह गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाले का पानी सड़क पर इतना अधिक था कि ड्राइवर यह समझ ही नहीं पाया कि सड़क किधर है और नाला किधर है।
इसी असमंजस में जैसे ही कार अनियंत्रित हुई और सड़क की ओर आने के बजाय सीधे नाले की ओर चली गई। इसके कारण चंद मिनटों में ही कार नाले में समा गई। किसी को बचने का मौका नहीं मिला और न ही स्थानीय लोगों को बचाव करने का समय मिला, क्योंकि नाला काफी गहरा था और कार गिरते ही लोगों की आंखों से ओझल हो गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वहां पांच-छह लोगों ने कार चालक से काफी मना किया। उन्होंने कहा कि नाले का बहाव तेज है और हादसा हो सकता है, इसलिए कार को मत निकालो। कुछ समय वहीं रुककर इंतजार करने और बारिश रुकने पर नाले का बहाव कम होने के बाद कार निकालने की सलाह दी गई। आसपास के लोग भी उस समय नाला पार नहीं कर रहे थे, लेकिन ड्राइवर नहीं माना और कार को नाले में उतार दिया।
कार मुकेश नायक चला रहा था, जो धांसड़ गांव का रहने वाला है। उनके भाई बाला नायक ने बताया कि उन्हें हादसे की सूचना सुबह 11:30 बजे के आसपास तब मिली जब उनके भाई मुकेश ने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से उन्हें फोन लगाया। मुकेश ने बताया कि कार बहाव में बह गई है।
मुकेश और अन्य यात्री सुबह करीब चार बजे धांसड़ से रवाना हुए थे। मुकेश ने यह नई कार करीब छह-सात माह पहले खरीदी थी। बाला ने यह भी बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला, वह आष्टा होते हुए घटनास्थल पहुंच रहे हैं।
धांसड़ गांव के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश पटेल ने प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बताया कि कार में शंकर, विशाल, सागरबाई, पूजा, रीनू, हुकुम, वंशिका, राजवीर, जसप्रीत, आनंद और ड्राइवर मुकेश सवार थे।

