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2026-08-10

परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा मामले में 15 से अधिक नए आरोपी बनाए जाएंगे

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा से जुड़े बहुचर्चित मामले में लोकायुक्त संगठन ने विवेचना लगभग पूरी कर ली है। इस मामले में सौरभ शर्मा के अतिरिक्त 15 से अधिक अन्य लोगों को आरोपित बनाने की तैयारी है।

इन आरोपितों में सौरभ शर्मा की पत्नी, मां, दोस्त शरद जायसवाल और चेतन गौर के अतिरिक्त अन्य रिश्तेदार तथा वे लोग शामिल हैं जिन्होंने सौरभ की कथित काली कमाई को ठिकाने लगाने में मदद की थी। सौरभ शर्मा पर भ्रष्टाचार से 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जुटाने का आरोप है।

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लोकायुक्त संगठन द्वारा सितंबर में कोर्ट में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जा सकता है, हालांकि फिलहाल अभियोजन स्वीकृति बाकी है। मंगलवार को हाई कोर्ट जबलपुर से सौरभ शर्मा को जमानत मिल गई है, जिसके कारण लोकायुक्त संगठन जल्द से जल्द आरोप पत्र प्रस्तुत करेगा।

19 दिसंबर, 2024 को लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के घर और कार्यालय में छापा मारा था। इसके अगले दिन आयकर की टीम को भोपाल के मेंडोरी गांव में एक लावारिस कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ 60 लाख रुपये नकद मिले थे। यह कार सौरभ के कारोबार में सहयोगी चेतन गौर के नाम पंजीकृत थी।

आयकर विभाग ने इसी वर्ष फरवरी में सोना और नकदी को बेनामी मानते हुए राजसात कर लिया।

लोकायुक्त संगठन ने विवेचना के दौरान 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। इनमें अधिकतर वे लोग शामिल हैं जिनके नाम के अचल संपत्ति के दस्तावेज छापे के दौरान मिले थे।

सूत्रों के अनुसार, अभी तक के आकलन में कार में मिला 52 किलो सोना (जिसकी कीमत करीब 38 करोड़ रुपये है), 11 करोड़ रुपये नकदी, छापे के दौरान सौरभ के भोपाल में अरेरा स्थित घर और कार्यालय में मिले 2 करोड़ 85 लाख रुपये नकद, 234 किलो की चांदी की सिल्लियां और जमीन शामिल की गई है। राजगढ़ में मछली पालन से जुड़ी आय को भी इसमें शामिल किया गया है।

सौरभ ने अपने कुछ रिश्तेदारों और दोस्तों के नाम से भी संपत्ति में निवेश किया था। छापे के दौरान कुल 8 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला था।

शुरुआत में चेतन गौर और शरद जायसवाल को आरोपित बनाया गया था।

जांच में शामिल एजेंसियां

लोकायुक्त संगठन के छापे के दो दिन बाद ही आयकर विभाग ने सोना और नकदी जब्त की थी। इसके बाद राजस्व खुफिया निदेशालय ने जांच की थी कि सोना कहां से खरीदा गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी लोकायुक्त पुलिस की एफआइआर के आधार पर प्रकरण दर्ज कर सौरभ शर्मा से जुड़े स्थानों पर छापा मारा था।

मध्य प्रदेश पुलिस भी सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति के दस्तावेज की जांच कर रही है।

विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख ने बताया कि सौरभ शर्मा के मामले में पूछताछ सहित विवेचना का काम लगभग पूरा हो गया है और वे शीघ्र ही चालान प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं।