BREAKING NEWS
2026-08-10

पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन में नियम विरुद्ध रिसॉर्ट: पीसीसीएफ ने डिप्टी डायरेक्टर को तलब किया

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उमरिया।

पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन में नियम विरुद्ध बनवाए गए रिसॉर्ट के मामले में मध्य प्रदेश की प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. शमिता राजौरा ने टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र पटेल को पूरी रिपोर्ट के साथ तलब किया है। इससे रिसॉर्ट मामले में कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

Advertisement

इस रिसॉर्ट का निर्माण वर्तमान में गुरुग्राम में तैनात वरिष्ठ आइआरएस अधिकारी बी. श्रीनिवास कुमार ने रिजर्व के कोर जोन में छतरपुर जिले के राजगढ़ गांव स्थित खसरा नंबर 1841 की करीब पांच एकड़ भूमि पर कराया है।

जांच में रिसॉर्ट नियम विरुद्ध बनाए जाने की बात सामने आ चुकी है, लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पीसीसीएफ वन्यजीव ने इस मामले की नईदुनिया में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लिया है।

पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन से मांगी जानकारी

पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन से यह जानकारी ली जाएगी कि कोर क्षेत्र में रिसॉर्ट का निर्माण किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए क्या जरूरी अनुमतियां ली गईं।

संबंधित भूमि की वास्तविक वैधानिक स्थिति क्या है, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।

इसके साथ ही वन्यजीवों के आवागमन वाले क्षेत्र में निर्माण से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा सकती है।

यदि जांच में नियमों का उल्लंघन, अनुमति में अनियमितता अथवा वन्यजीव संरक्षण संबंधी प्रावधानों की अनदेखी सामने आती है तो रिसॉर्ट के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।

वन्यजीव प्रेमियों ने बताया गंभीर मामला

वन्यजीव प्रेमी कोर जोन में रिसॉर्ट निर्माण को अति गंभीर मामला बता रहे हैं।

वन्यजीव संरक्षण से जुड़े जानकारों का कहना है कि कोर क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन और उनके आवास पर असर डाल सकता है।

रिसॉर्ट के कारण वन्यजीवों के केन नदी की ओर आने-जाने वाले मार्ग के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

इसके अलावा, रिसॉर्ट से निकलने वाले अपशिष्ट और गंदे पानी के उचित निस्तारण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आशंका है कि यदि अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन नहीं किया गया तो इसका प्रभाव केन नदी और आसपास के वन क्षेत्र पर पड़ सकता है।

हालांकि, इन सभी बिंदुओं की वास्तविक स्थिति अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

एनटीसीए से चर्चा की संभावना

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद पीसीसीएफ वन्यजीव राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के अधिकारियों से चर्चा कर सकती हैं।

कोर क्षेत्र में निर्माण से जुड़े एनटीसीए के दिशा-निर्देशों के संदर्भ में भी पूरे मामले की समीक्षा की जा सकती है।

डॉ. शमिता राजौरा, पीसीसीएफ वन्यजीव मध्य प्रदेश ने कहा, “पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में रिसॉर्ट निर्माण की जानकारी मिली है। जानकारी के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर को बुलाया है।”