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2026-08-10

शिवपुरी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, महुअर नदी उफान पर

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, शिवपुरी।

पिछले दो दिनों से जारी तेज बारिश ने पिछोर अंचल में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात पिछोर क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के कारण महुअर नदी उफान पर आ गई, जिससे पिछोर क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुरुकुदवाया सहित आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।

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सुबह के समय कई गांवों में पानी भर जाने के कारण उनका संपर्क अन्य क्षेत्रों से पूरी तरह कट गया था। हालांकि, बारिश थमने के बाद गांवों से पानी निकलने लगा। गुरुकुदवाया के आसपास से गुजरने वाले सभी छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर हैं, और नालों का पानी रपटा-पुलिया के ऊपर से बह रहा है, जिससे गुरुकुदवाया का पिछोर और खनियांधाना मार्ग से सीधा संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खोड़ से पिछोर रोड पर कई पुल नदी में उफान के चलते जलमग्न हो गए हैं, जिसके कारण इस रोड पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित रही।

गुरुकुदवाया, महुआखेड़ा, बूड़ोन शाजापुर, ऊमरीकलां, पायगा, भौंती और मनपुरा में सैकड़ों एकड़ में खड़ी खरीफ की फसल पानी में डूब गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, सोयाबीन में 48 घंटे से अधिक जलभराव से जड़ें सड़ना शुरू हो जाती हैं, जिससे नुकसान होना तय है। गुरुकुदवाया, महुआखेड़ा और आसपास के गांवों में सैकड़ों एकड़ खेत पानी से लबालब हैं। खेतों में खड़ी सोयाबीन, उड़द और मूंगफली की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। किसानों का कहना है कि यदि 24 घंटे में पानी नहीं निकला तो फसलें सड़ जाएंगी, और चार महीने की मेहनत पर पानी फिरता दिख रहा है। किसानों ने आशंका जताई है कि लगातार जलभराव से फसलों को 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान हो सकता है। गुरुकुदवाया के हरिराम यादव ने बताया कि हाल ही में खाद-बीज में पैसा लगाया था, लेकिन अब खेतों में दो-दो फीट तक पानी भर गया है, और अगर कल तक पानी नहीं निकला तो कुछ नहीं बचेगा।

प्रभावित गांवों के किसानों ने जिला प्रशासन से राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम भेजकर फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है।

अत्यधिक वर्षा के कारण गांवों की निचली बस्तियों में लोगों के घरों में पानी भर गया, जिससे उनके खाने-पीने का सामान खराब हो गया। गुरुकुदवाया में जल स्तर इतना बढ़ गया कि पानी घरों के साथ-साथ स्कूल तक पहुंच गया, जिसके कारण उस दिन स्कूल में अघोषित अवकाश रहा।

भू-अभिलेख कार्यालय से जारी वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटे में शिवपुरी जिले में औसत 63.38 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश बैराड़ क्षेत्र में 160 मिमी दर्ज की गई, जबकि पोहरी में 80 मिमी, कोलारस में 78 मिमी, बदरवास में 75 मिमी और पिछोर में 68 मिमी बारिश हुई है। जिले में इस सीजन की कुल वर्षा अब तक 377.20 मिमी हो चुकी है, जो सामान्य औसत 313.82 मिमी से 63.38 मिमी अधिक है।

पिछोर की एसडीएम ममता शाक्य ने बताया कि उन्होंने कुछ गांवों का दौरा किया, जहां पानी भर गया था। उन्होंने यह भी बताया कि अब पानी कम हो गया है और जो रास्ते पानी में डूब गए थे, वे भी खुल गए हैं। फसल और घरों में हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए राजस्व दल गठित किए जा रहे हैं, जो गांवों में जाकर सर्वे करेंगे और इसी आधार पर नुकसान का आकलन किया जा सकेगा।