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2026-08-14

बिलौआ की प्रतिबंधित खदानों पर कड़ा सुरक्षा घेरा, कलेक्टर-एसएसपी ने संभाला मोर्चा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

ग्वालियर के बिलौआ खनन क्षेत्र में उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रतिबंधित की गईं खदानों की निगरानी के लिए कड़ा सुरक्षा घेरा स्थापित किया गया है। इन खदानों से लेकर प्रत्येक मार्ग पर निगरानी रखी जा रही है, जिससे अवैध परिवहन रोका जा सके। बिलौआ क्षेत्र में इसके लिए खनन, राजस्व और पुलिस विभागों को मिलाकर आठ चेकिंग प्वाइंट और दल तैनात किए गए हैं।

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अधिकारियों का निरीक्षण और निर्देश

रविवार को कलेक्टर रुचिका चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह और विभागीय अधिकारियों के साथ बिलौआ क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने प्रतिबंधित खदानों का निरीक्षण किया और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार बिलौआ क्षेत्र में प्रतिबंधित खदानों से किसी भी प्रकार का उत्खनन और परिवहन नहीं होना चाहिए। उन्होंने वस्तुस्थिति पर भी निगरानी रखने को कहा। कलेक्टर के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आठ चेकिंग प्वाइंट भी स्थापित किए हैं। इसके साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा जांच दल भी गठित किए गए हैं।

एसडीएम द्वारा स्थिति से अवगत कराना

निरीक्षण के दौरान डबरा एसडीएम जूही गर्ग ने वरिष्ठ अधिकारियों को बिलौआ खनन क्षेत्र के सभी मार्गों और खदानों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। एसडीएम ने पिछले दिनों की गई कार्रवाई और गतिविधियों से अवगत कराया तथा 16 प्रतिबंधित खदानों की वस्तुस्थिति बताई। इस निरीक्षण में एडीएम सीबी प्रसाद, एसडीएम डबरा जूही गर्ग, संयुक्त कलेक्टर भूमिजा सक्सेना, डिप्टी कलेक्टर अनिल राघव और जिला खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

उच्च न्यायालय में सुनवाई और पिछली कार्रवाई

बिलौआ खनन मामले की सोमवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई निर्धारित है। इससे पहले, उच्च न्यायालय ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बिलौआ में खदानों का ड्रोन सर्वे कराने के निर्देश दिए थे, जो सर्वे पूरा कर लिया गया है। इस मामले में अकरम खान की ओर से याचिका दायर की गई है। वहीं, न्यायालय के आदेश पर नए खनिज अधिकारी की नियुक्ति भी हो चुकी है।

ड्रोन सर्वे और निगरानी व्यवस्था

उच्च न्यायालय के आदेश पर बिलौआ खनन मामले में ड्रोन सर्वे भी पूरा करा लिया गया है। निगरानी के लिए चेक प्वाइंट और चेकिंग दलों में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों सहित आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। इन दलों में कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों को भी शामिल किया गया है।

अवैध खनन पर प्रभाव

बिलौआ में अवैध खनन को लेकर उच्च न्यायालय की सख्ती और प्रशासन की निगरानी के बाद अब नियमित यातायात में भी कमी आई है। वहीं, इस सख्ती के कारण जो संचालित खदानें हैं, उनके द्वारा भी माल का परिवहन पहले की तुलना में कम किया जा रहा है।