बुलंद सोच, सिक्किम।
सिक्किम सरकार ने नामची जिले के समरडुंग, झोलुंगे में निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-छह जलविद्युत परियोजना की एडीआईटी-तीन सुरंग में हुए विस्फोट की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
सरकार ने 20 जुलाई को हुए इस हादसे में कई श्रमिकों के मारे जाने के बाद घटना के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच का निर्णय लिया है।
यह समिति भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों की भी सिफारिश करेगी।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, सिक्किम पुलिस के कानून-व्यवस्था प्रभाग के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ताशी वांग्याल समिति के अध्यक्ष होंगे।
खान एवं भूविज्ञान विभाग के प्रधान निदेशक फिगु छेरिंग भूटिया और इसी विभाग के अतिरिक्त निदेशक केशर लुइटेल को समिति का सदस्य बनाया गया है।
सिक्किम पुलिस की सीआईडी के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) तेनजिंग लोडेन लेप्चा समिति के सदस्य सचिव होंगे।
समिति को 20 जुलाई को समरडुंग में तीस्ता स्टेज-छह जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन एडीआईटी-तीन सुरंग के भीतर हुए विस्फोट की वजहों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ ही वह हादसे से जुड़ी परिस्थितियों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल करेगी।
समिति अपनी जांच के आधार पर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदमों की सिफारिश सरकार को देगी।
हादसे के बाद सुरंग के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया।
सुरंग के भीतर मलबा, धुआं और गैस के कारण राहत एवं बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
हादसे में अब तक कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति की जांच से हादसे की वास्तविक वजह सामने आने और निर्माणाधीन सुरंगों में सुरक्षा मानकों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने समिति को हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर आवश्यक रिपोर्ट और सुधारात्मक उपायों की सिफारिश करने का जिम्मा सौंपा है।

